Mathura, Uttar Pradesh, India. तीन कृषि कानूनों सहित दूसरी जनउपयोगी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनचौपाल लगाने का कार्यक्रम तय किया है। कार्यक्रम के तहत विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधियों को गांव -गांव जाना पड़ रहा है। इस दौरान भाजपा विधायकों को किसानों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठा.कारिंदा सिंह को उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र के गांव सौन में ग्रामीणों ने जनचैपाल करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने विधायक को गांव में भी नहीं घुसने दिया। ग्रामीणों ने गांव को आने वाले रास्तों को बंद कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली, पटेल, कांटे आदि डाल कर रास्ते को रोक दिया। इस बीच विधायक के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विधायक को गांव में घुसाने का प्रयास किया। जब पुलिस सख्ती करने लगी तो ग्रामीण सड़क पर ही धरने पर बैठ गये। इसके बाद विधायक कारिंदा सिंह ने काफिले के साथ वापस लौटना ही बेहतर समझा। किसी भी टकराव को आमंत्रण देने की बजाय वह काफिले के साथ दूसरे गांव में आयोजित की गई जनचौपाल के लिए निकल लिये।
ग्रामीण विराट चौधरी का कहना था कि 28 जनवरी को गाजीपुर बार्डर पर राकेश टिकैत के जो आंसू निकले थे, वह हमारे दिल में अभी भी घाव करते हैं। हमारे घावों पर नमक छिडकने के लिए विधायक आ रहे थे। हमने सुबह ही इसकी सूचना विधायक तक पहुंचा दी थी कि वह गांव में न आएं। इसके बावजूद विधायक पुलिस के बल पर गांव में चौपाल लगाना चाहते थे। जिस तरह बार्डर पर किसानों के लिए कीलें बिछाई गयी हैं उसी तरह हमने भी रास्ते में कांटे और झाड़ियां डाल कर सभी भाजपाइयों के लिए गांव के रास्ते रोक दिये हैं। गांव में किसी भी भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि का आना वर्जित कर दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर बल्देव विधानसभा क्षेत्र के विधायक पूरन प्रकाश ने क्षेत्र के गांव बरौली में जनचौपाल का आयोजन किया। ज्ञात रहे कि किसान आंदोलन के दौरान बरौली के किसानों ने आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी पूरन प्रकाश को भी किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि पूरन प्रकाश ने विरोध कर रहे किसानों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें तमाम आश्वासन भी दिये। इस बीच ग्रामीणों ने विधायक को कई बार खरीखोटी भी सुनाई। विधायक की सूझबूझ से जनचौपाल बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई।
कारिंदा सिंह ने दिखाई समझदारी, टाल गया विवाद
गोवर्धन क्षेत्र से भाजपा विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह की समझदारी से सौन गांव में ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद टल गया। सौन गांव में ठाकुर कारिंदा सिंह का कार्यक्रम पहले से तय था। यह कार्यक्रम कुछ ग्रामीणों द्वारा ही अपने यहां कराया जा रहा था। कारिंदा सिंह के काफिले के पहुंचने पर कुछ ग्रामीणों ने उनके गांव में घुसने का विरोध कर दिया। इसकी सूचना जब जनचौपाल स्थल पर एकत्रित ग्रामीणों को लगी तो वह भी विधायक के काफिले के पास आ गये। विरोध कर रहे लोगों ने अब सीधे विधायक और भाजपा का नाम लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे तनाव पैदा हो गया। जिन लोगों ने कार्यक्रम की तैयारी की थी वह चाहते थे कि किसी भी स्थिति में विधायक जनचौपाल तक पहुंचें और कार्यक्रम को पूरा करें, इसके लिए चाहे अतिरिक्ति पुलिस बल ही क्यों न बुलाना पडे। जबकि विरोध कर रहे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच विधायक कारिंदा सिंह ने समझदारी से काम लिया और अपने लोगों को समझा बुझा कर कार्यक्रम को स्थगित करने के लिए मना लिया और वापस लौट गये।
वर्जन
पार्टी द्वारा गांवों में जनचौपाल के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। कई गावों में कर्यक्रम कर के आया हूं। इस समय भी कार्यक्रम चल रहा है। गांव सोन में गया था। गांव में पहुंचने से पहले कुछ अराजकतत्वों ने पाटा डालकर रास्ते को रोक दिया। ये लोग दल विशेष का नाम लेकर नारे लगा रहे थे। मुझे लगता है कि वह किसी दल विशेष से संबंध रखते थे, या इन्हें बहकाया गया है। इनके साथ किसान नेता नहीं थे। जिन लोगों ने कार्यक्रम आयोजित किया था वह भी आ गये। वह चाहते थे कि कार्यक्रम हो। हमने कहा कि ठीक नहीं है कि विवाद बढे, दोनों अपने ही हैं, इन्हें बहकाया गया है। किसी तरह का विवाद न हो इसलिए हमने कार्यक्रम स्थगित करना ही उचित समझा। कई गांवों में कार्यक्रम हुए हैं लेकिन कोई माहौल खराब नहीं हुआ।
-ठा.कारिंदा सिंह, विधायक गोवर्धन
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