आगरा। ताजनगरी के विभिन्न क्षेत्रों में नगर निगम की संपत्ति पर काबिज दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शहर की लगभग 400 दुकानों पर अब आवंटन निरस्तीकरण और सीलिंग की तलवार लटक रही है। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद किराया जमा न करने वाले संचालकों के खिलाफ नगर निगम ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
सवा करोड़ की वसूली पर फंसा पेंच
नगर निगम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे ताजगंज, अशोक नगर, राजेन्द्र मार्केट, नूरी दरवाजा, छीपीटोला, बल्केश्वर, सिंधी बाजार और जिला अस्पताल परिसर में करीब 900 दुकानें किराए पर दे रखी हैं। इन दुकानों से निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1.25 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद होती है। लेकिन, लगभग 400 दुकानदारों द्वारा लंबे समय से भुगतान न किए जाने के कारण निगम का खजाना खाली हो रहा है।
सीलिंग और तालेबंदी की तैयारी
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि डिफ़ॉल्टर्स को ‘अंतिम मौका’ दिया जा चुका है। अब यदि बकाया किराया जमा नहीं किया गया, तो न केवल उनका आवंटन रद्द किया जाएगा, बल्कि दुकानों को सील कर उन पर ताला जड़ दिया जाएगा। इस सख्त चेतावनी के बाद से ही शहर के बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों के बीच हड़कंप का माहौल है।
राजस्व कर्मियों को मिला सख्त टारगेट
वसूली अभियान को रफ्तार देने के लिए नगर निगम ने सभी राजस्व कर्मियों के लिए कड़े लक्ष्य (Targets) निर्धारित किए हैं। अभियान की प्रगति की रोजाना समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि राजस्व बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई अनिवार्य है और आने वाले दिनों में इस अभियान को और भी तेज किया जाएगा।
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