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Agra, Uttar Pradesh, Bharat, India. 21 फरवरी 2024 को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बीए आर्ट्स, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के संयोजन से पं. दीनदयाल उपाध्याय, ग्रामीण विकास संस्थान, पालीवाल कैंपस में ‘स्थानीय भाषाओं का संरक्षण और दस्तावेजीकरण’ विषय पर डॉ. नीलम यादव के द्वारा बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. यूसी शर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ. राजपाल सिंह चौहान ( डारेक्टर ऑफ चाणक्य इंस्टीट्यूट ऑफ आईटी एण्ड मैनेजमेन्ट) तथा संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज राठौर रहे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार व डॉ. तपस्या चौहान रहे।
इस दिवस पर यह संकल्प लिया गया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में मातृभाषा का प्रयोग व उस पर गर्व करें। प्रो. यू.सी. शर्मा द्वारा भाषा के विविध रूपों और मातृभाषा के महत्व को सभी के साथ साझा किया गया।
डॉक्टर नीलम यादव ने विलुप्त होती भाषाओं व भाषा संरक्षण के संदर्भ में अपना वक्तव्य देते हुए मातृभाषा के प्रति आस्थावान होने का संदेश भी दिया।
डॉ. प्रमोद कुमार ने मातृभाषा के महत्व को समझाया।
विशिष्ट अतिथि डॉ० राजपाल सिंह चौहान ने मातृभाषा की व्यक्तित्व निर्माण में उपादेयता को श्रोताओं तक संप्रेषित किया।
निदेशक महोदय डॉ. मनोज राठौर द्वारा मातृभाषा के महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन डॉ. तपस्या चौहान ने मातृभाषा संरक्षण की आवश्यकता पर विचार प्रस्तुत कर आभार व्यक्त करते हुए किया।
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