नई दिल्ली। बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 के विरोध और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर रहे बैंक कर्मचारियों की हड़ताल कोई असर व्यापारिक सेक्टर पर नहीं पड़ रहा।
उक्त जानकरी देते हुए व्यापारियों के निकाय CAIT ने एक बयान में कहा, कुछ ट्रेड यूनियनों का आज और कल अनौपचारिक क्षेत्र में पूरी तरह से फ्लॉप हो गया है। व्यापारियों के निकाय CAIT ने आगे कहा कि विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भी कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है, छोटे उद्योग विनिर्माण गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं, क्योंकि श्रमिक नियमित रूप से काम कर रहे हैं।
बयान में कहा गया है, अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों ने हड़ताल के आह्वान का जवाब नहीं दिया। व्यापारिक गतिविधियां देश भर के सभी वाणिज्यिक बाजारों में सामान्य रूप से हुईं, जबकि विनिर्माण गतिविधियां गैर-कॉर्पोरेट क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में पूरी तरह से हुईं। बयान में कहा गया है, अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों ने ट्रेड यूनियनों के हड़ताल के आह्वान को खारिज कर दिया है, जो कि राजनीति से प्रेरित आह्वान है।
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद के कारण घरेलू व्यापार और अनौपचारिक क्षेत्रों के अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
गौरतलब है कि बैंक सोमवार (28 मार्च) और मंगलवार (29 मार्च) को बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं।
बैंकिंग के अलावा, दूरसंचार, तेल, आयकर, डाक, कोयला, इस्पात, तांबा और बीमा क्षेत्रों की ट्रेड यूनियनें हड़ताल का समर्थन कर सकती हैं।
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