पाकिस्तान में बलूच प्रदर्शनकारियों ने लोगों को जबरन गायब करने और गैर-न्यायिक हत्याओं को रोकने की मांग करते हुए सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम जारी किया है।
बलूच यकजेहती कमेटी ने अब तक हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई और उनके खिलाफ आरोपों को रद करने का भी आह्वान किया है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नहीं करने पर प्रदर्शनकारियों को कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सरकार ने दावा किया है कि शुक्रवार को 34 और बलूच प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया है। इससे पहले 160 प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया था।
आंदोलनकारी महरंग बलूच ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ दुश्मनों की तरह व्यवहार कर रही है। महरंग ने संयुक्त राष्ट्र की भागीदारी का प्रस्ताव देते हुए बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन की विस्तृत जांच का आह्वान किया।
उन्होंने जबरन गायब किए गए सभी पीडि़तों की रिहाई, आतंकवाद-रोधी विभाग (सीटीडी) पर प्रतिबंध और राज्य प्रायोजित हिंसा को खत्म करने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि इस्लामाबाद लांग मार्च के दौरान 21 दिसंबर को पुलिस ने 200 से ज्यादा की संख्या में बलूच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारियों में अधिकांश महिलाएं थीं।
-एजेंसी
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