लखनऊ। अयोध्या के राज्य कर विभाग में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी से आहत होकर राज्यपाल को इस्तीफा भेजा था।
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने भाई विश्वजीत सिंह के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके भाई का आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंध रहा है और उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को बार-बार फर्जी क्यों बताया जा रहा है।
प्रमाणपत्र विवाद पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि वह स्वयं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अयोध्या के समक्ष पेश हुए थे। वहां से मऊ के सीएमओ से सत्यापन कराया गया, जिसके बाद लिखित रूप से प्रमाणपत्र को सही बताया गया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बाद इस्तीफों का सिलसिला शुरू हुआ था। 26 जनवरी को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट आलंकार अग्निहोत्री ने भी पद छोड़ दिया था। उसी क्रम में प्रशांत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के समर्थन में इस्तीफा भेजा था, जिसे अब उन्होंने औपचारिक रूप से वापस ले लिया है।
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