आगरा के खेरागढ़ का अमित बंसल मौत मामला: 13 दिन बाद पलटा पासा, दुर्घटना बताने वाले चार लोगों पर दर्ज हुई FIR

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आगरा। खेरागढ़ क्षेत्र में 5 जून को हुई अमित बंसल की मौत का मामला अब एक गंभीर आपराधिक जांच में बदल गया है। जिसे पुलिस और स्थानीय लोग शुरुआती तौर पर एक सामान्य सड़क दुर्घटना मान रहे थे, उसे अब मृतक के पिता की शिकायत पर ‘गैर इरादतन हत्या’ और ‘आपराधिक षड्यंत्र’ की साजिश माना जा रहा है। घटना के करीब 13 दिन बाद पुलिस ने चार लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज कर लिया है।

क्या था मामला?

मृतक अमित बंसल के पिता रामबाबू बंसल (निवासी पिपहेरा, धौलपुर) ने 9 जून को थाना खेरागढ़ में तहरीर दी थी। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया था कि उनके बेटे की मौत कोई महज सड़क हादसा नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश छिपी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की थी।

​पुरानी रंजिश और धमकियों का आरोप

पिता रामबाबू बंसल की शिकायत के अनुसार, घटना से करीब 15 दिन पहले अमित का कपिल गर्ग नाम के युवक से विवाद हुआ था। इस विवाद के दौरान अमित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गई थीं। परिजनों को शक है कि इसी विवाद का बदला लेने के लिए अमित को सुनियोजित तरीके से रास्ते से हटाया गया है।

फोन कॉल के बाद बुलाई गई मौत

परिवार का दावा है कि 5 जून को अमित को फोन करके घर से बाहर बुलाया गया था, जिसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने इस हत्या को सड़क हादसे का रूप देने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की और वास्तविक तथ्यों को छिपाने की कोशिश की।

​पुलिस की कानूनी कार्रवाई

​शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने अब चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 61(2)(ए) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें हर्ष बंसल, विनय गोस्वामी, कपिल गर्ग उर्फ सोढ़ी और देव आशीष बंसल उर्फ कान्हा शामिल हैं।

जांच का दायरा: इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर जोर

​इस मामले की विवेचना थाना प्रभारी खेरागढ़ हरीश कुमार कर रहे हैं। एसीपी खेरागढ़ प्रीता सिंह ने बताया कि जांच अब पूरी तरह से वैज्ञानिक आधार पर होगी। पुलिस मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं पर काम कर रही है:

कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): 5 जून को अमित को किसने फोन किया था और किन लोगों से उसकी बात हुई।

​मोबाइल लोकेशन: घटना के समय सभी संदिग्धों की लोकेशन क्या थी।

​इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों का गहन विश्लेषण।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh