बुधवार को हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर से किसान दिल्ली चलो मार्च फिर से शुरू कर रहे हैं. मार्च शुरू होने से पहले किसानों को मास्क, दस्ताने और सेफ़्टी सूट बांटे गए. वहीं, मार्च शुरू होने के बाद सुरक्षाबलों ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे. प्रशासन के बैरिकेड और सीमेंट ब्लॉक को हटाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टर तैयार रखे हैं.
केंद्र सरकार और किसानों के बीच चार दौर की बैठक बेनतीजा होने के बाद किसान आज से दिल्ली चलो मार्च फिर शुरू कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने किसानों को पांच साल तक दाल, जौ, मक्का और कपास जैसी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का ऑफ़र दिया था जिसे किसान संगठनों ने ख़ारिज कर दिया.
वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों को फिर से बातचीत की अपील की है. मुंडा ने कहा, “सरकार चौथे दौर के बाद पांचवें दौर में सभी मुद्दे जैसे की एमएसपी की माँग, फसल के विविधिकरण, पराली का विषय, एफ़आईआर पर बातचीत के लिए तैयार हैं. मैं दोबारा किसान नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित करता हूँ. हमें शांति बनाये रखना ज़रूरी है.” इससे पहले किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच चार दौर की बैठक बेनतीजा साबित हुई है.
किसान मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी बनाया जाए और किसानों की कर्ज़ माफ़ी हो. साल 2020-21 के बीच हुए किसान प्रदर्शन में जिन भी किसानों पर केस हैं उन्हें रद्द कर दिया जाए.
पिछली बैठक में केंद्र सरकार ने किसानों को पांच साल तक दाल, जौ, मक्का और कपास जैसी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का ऑफ़र दिया था जिसे किसान संगठनों ने ख़ारिज कर दिया था.
-एजेंसी
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