पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी मामले पर अब अमेरिका ने भी प्रतिक्रिया दी है. जब अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, तो पाकिस्तान के टीवी पत्रकार ने उनसे सवाल पूछा.
अली ने उनसे पूछा, ”भारत में बीते कुछ समय में इस्लामोफ़ोबिया तेज़ी से बढ़ा है. कुछ सप्ताह पहले सत्तारूढ़ बीजेपी पार्टी के सदस्यों ने पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी भी की. इसके विरोध में भारत में प्रदर्शन हो रहे हैं जबकि प्रदर्शन में शामिल मुसलमानों के घरों को बुलडोज़र से ढहा दिया जा रहा है. क्या आप भारत सरकार की मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ किए जा रहे इस हेट-क्राइम पर कुछ कहना चाहेंगे?
इस सवाल के जवाब में प्राइस ने कहा कि हम उन बयानों की निंदा करते हैं लेकिन हमें इस बात की ख़ुशी भी है कि पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर उन बयानों की निंदा की है. हम मानवाधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और विश्वास जैसे मुद्दों पर हर रोज़ भारत सरकार के साथ संपर्क में हैं. हम भारत को मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी करते हैं.”
-एजेंसियां
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