लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है। प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने लिखा कि वह जल्द ही “इस स्वार्थी महिला” से तलाक लेने जा रहे हैं, जिसने “अपने स्वार्थ के लिए परिवार तोड़ा।” प्रतीक का कहना है कि उनकी मानसिक स्थिति खराब है और इसके लिए उन्होंने अपर्णा यादव को जिम्मेदार ठहराया है।
“वह केवल खुद की चिंता करती हैं” – प्रतीक यादव
प्रतीक यादव ने पोस्ट में आरोप लगाया कि अपर्णा यादव ने प्रसिद्धि और प्रभाव के लिए ऐसा किया। उन्होंने लिखा कि वह केवल खुद की चिंता करती हैं और उनके दुख-दर्द से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रतीक ने यहां तक कहा कि उनका दुर्भाग्य रहा कि उन्होंने अपर्णा यादव से विवाह किया।
अपर्णा यादव यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष
अपर्णा यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और भाजपा से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले भाजपा जॉइन कर ली थी, जिसके बाद यह माना गया था कि इससे समाजवादी परिवार के भीतर राजनीतिक स्तर पर असहजता बढ़ी थी।
अपर्णा यादव के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीबी संबंध भी चर्चा में रहे हैं। हालांकि अब तक प्रतीक और अपर्णा के रिश्तों में खटास को लेकर कोई बड़ा संकेत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था, लेकिन प्रतीक की इस पोस्ट ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
2011-12 में हुई थी शादी, दो बेटियां भी हैं
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी 2011/2012 के आसपास हुई थी। उस समय यह शादी प्रदेश की सबसे चर्चित शादियों में गिनी गई थी। समारोह में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं और इसे भव्य रूप दिया गया था।
दोनों की दो बेटियां भी हैं। हाल ही में 4 दिसंबर 2025 को अपर्णा यादव के जन्मदिन पर प्रतीक यादव उनके साथ नजर आए थे, जिससे रिश्तों में दूरी की बातों को उस समय ज्यादा हवा नहीं मिली थी।
पोस्ट वायरल, अपर्णा यादव की प्रतिक्रिया नहीं
प्रतीक यादव की इंस्टाग्राम पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस घटनाक्रम को मुलायम परिवार की निजी और राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया है कि राजनीति और निजी जीवन के बीच की रेखा कई बार सार्वजनिक मंच पर आकर बहस का विषय बन जाती है।
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