अखिलेश यादव ने राज्यपाल का वीडियो शेयर कर सरकार पर कसा तंज: कहा— ‘आपसी टकराहट ने डबल इंजन को बना दिया है ट्रबल इंजन, गोरखपुर मॉडल की खुली पोल’

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और कमियों को लेकर बेहद कड़े सवाल खड़े किए हैं। राज्यपाल ने तंज कसते हुए कहा कि यह तो स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जिला गोरखपुर है, यदि ऐसी जगहों पर इस तरह की कमियां देखने को मिलेंगी, तो फिर बाकी जगहों का क्या हाल होगा।

राज्यपाल के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे शेयर करते हुए सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के भाषण का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-पोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ की घपलेबाज़ी की बात भी सामने आ गई। दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी। आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है।”

​राज्यपाल ने खोली यूनिवर्सिटी की व्यवस्थाओं की पोल

​दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, “कुछ लोगों को शायद बुरा भी लगेगा लेकिन हमारी जो कमियां हैं, तो मुझे बताना ही पड़ेगा। और ये कमियां आने वाले तीन महीने में पूरी हों। सबको मैंने कहा है कि तीन महीने में पूरा करके दिखाओ। ये तो गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री वहां विराजमान हैं, वहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा? यूनिवर्सिटी में नौ छात्रावास हैं। जिनमें से तीन गर्ल्स हॉस्टल हैं, एक में रिपेयरिंग चल रहा है… अच्छी बात है। जर्जर हालत में था तो रिपेयरिंग हो रहा है। छह बॉयज हॉस्टल हैं, दो में रिपेयरिंग चल रहा है… गर्ल्स हॉस्टल में मेस चलती है। बॉयज हॉस्टल में नहीं चलती है। वहां बाहर से टिफिन में खाना मंगाते हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या उन्हें वो टिफिन वाला खाना ही अच्छा लगता है।

​राज्यपाल ने अपने संबोधन में आगे कहा, “मैं गोरखपुर यूनिवर्सिटी में रुकी हुई हूं और कल जो भोजन बन रहा था, वह मैं देखने गई। वहां डिब्बा खुला, मैंने पूछा बताओ यह क्या है? मैं तो गृहिणी हूं, सालों तक किचन में रसोई करते आए हैं। मैंने पूछा यह ऑयल है या भंगार ऑयल है, बताओ मुझे। और सारी ही चीजें ऐसी थीं। मैंने तुरंत फूड वालों को बुलाया और सैंपल लिया। और दूसरा सैंपल मैंने अपने पास ले लिया ताकि लखनऊ जाकर सैंपलिंग करा सकूं, क्योंकि कभी-कभी विश्वास नहीं रहता है, सैंपल बदल जाता है। गुजरात में ऐसा होता था, बीच में बिचौलिये होते हैं, सैंपल लो और दूसरा सैंपल दे दो।”

उन्होंने दो टूक कहा कि मैंने अधिकारियों से खाने के सैंपल की जांच के लिए कह दिया है और हम लखनऊ जाकर इसकी जांच करवाएंगे। “मैं राज्यपाल के नाते से नहीं कहती हूं, मैं एक माता हूं। हमारे बच्चों की खुराक शुद्ध आहार होनी चाहिए। और अगर बच्चे ऐसा ही खाना खाते रहेंगे, तो उनका दिमाग ही नहीं चलेगा। मैंने कहा है कि जो भी रिपोर्ट आए, वह सीधे वीसी (कुलपति) को दी जाए और भविष्य में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए प्रयास किए जाएं।

हॉस्टल में टिफिन का खाना बंद करवाओ।” उन्होंने पहली बार यह देखा है कि हॉस्टलों में बाहर से टिफिन से खाना आता है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “टिफिन से खाना आएगा तो टिफिन से ड्रग्स भी आएगी… सब कुछ आएगा।” इसके साथ ही उन्होंने हॉस्टलों में इंटरनेट गायब रहने, बिजली की भारी समस्या, गंदगी और अन्य तमाम बुनियादी मुद्दों पर भी तीखी बात रखी।

Dr. Bhanu Pratap Singh