आगरा का अवैध शस्त्र लाइसेंस प्रकरण: आधी हकीकत, आधा फसाना! बिल्डर ने उगला ‘पिस्टल’ का राज, लेकिन अभी भी कई चेहरों से नकाब उठना बाकी है

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आगरा। आगरा में सामने आए अवैध शस्त्र लाइसेंस प्रकरण ने अब और गंभीर मोड़ ले लिया है। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े एक बिल्डर ने एसटीएफ के सामने कई अहम जानकारियां साझा की हैं। बिल्डर ने जांच में सहयोग करने की बात कही है, लेकिन सार्वजनिक रूप से सामने आने को लेकर भय भी जताया है। उसका दावा है कि उसने आरोपी जैद की पत्नी से एक पिस्टल खरीदी थी, जिसके बदले 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे।

लाइसेंस न होने के बावजूद हुआ सौदा

बिल्डर के अनुसार सौदे से पहले जैद ने खुद यह स्पष्ट किया था कि उसकी पत्नी के नाम कोई शस्त्र लाइसेंस नहीं है। इसके बावजूद पिस्टल की खरीद-फरोख्त की गई। इस खुलासे ने पूरे अवैध शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां इस पहलू को बेहद अहम मानते हुए गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

मॉल और कॉलोनी निर्माण से बढ़ी नजदीकियां

सूत्रों के मुताबिक बिल्डर और जैद के बीच नजदीकियां ताजगंज इलाके में मॉल और कॉलोनी निर्माण के दौरान बढ़ीं। उस समय बिल्डर बिल्डिंग मटेरियल की सप्लाई करता था और इन दोनों प्रोजेक्ट्स में बड़ी मात्रा में सामग्री दी गई थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध मजबूत होते चले गए।

बताया जाता है कि इन प्रोजेक्ट्स के बाद बिल्डर का कारोबार तेजी से बढ़ा। छोटी दुकान से शुरुआत करने वाला व्यक्ति कम समय में बड़ा बिल्डर बन गया। इसी उभार के साथ जैद से उसके संबंध और गहराते चले गए, जो अब एसटीएफ की जांच के दायरे में हैं।

अरब पोशाक में उद्घाटन बना चर्चा का विषय

जांच में यह भी सामने आया है कि सिकंदरा थाना क्षेत्र में जब बिल्डर ने अपने ऑफिस का उद्घाटन कराया था, तब जैद अरब पोशाक में वहां पहुंचा था। उस समय यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना था। अब वही तस्वीरें और जानकारियां एसटीएफ की फाइलों में शामिल हैं।

विवाद, मारपीट और राजनीतिक दखल के संकेत

बिल्डर का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार एक बार बसपा विधायक से जुड़े लोगों ने उसकी पिटाई की थी। दिल्ली रोड स्थित एक ढाबे पर हुए झगड़े में भी उसके साथ मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद एक पार्षद के थाने पहुंचकर उसे छुड़ाने की बात सामने आई है। मारपीट के दौरान बिल्डर के एक साथी की नाक पर फरसे से वार किए जाने की जानकारी भी मिली है। इन घटनाओं ने उसके आपराधिक और राजनीतिक संपर्कों की ओर भी जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है।

जेल में जन्मदिन और जांच की तेज रफ्तार

सूत्रों का कहना है कि आगरा जेल में जन्मदिन मनाने के जिस प्रकरण में जैद और बिल्डर की जोड़ी चर्चा में आई थी, उसी के बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया। अब एसटीएफ उस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
बताया जा रहा है कि जल्द ही जैद की पत्नी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पिस्टल की खरीद-फरोख्त, ऑनलाइन भुगतान और शस्त्र लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच जारी है।

दिखावटी दूरी और हथियारों का सरेंडर

मुख्तार प्रकरण सामने आने के बाद बयान बदलते हुए बिल्डर ने कथित तौर पर जैद से दूरी बना ली थी, लेकिन जांच एजेंसियां इसे औपचारिक कदम मान रही हैं। एसटीएफ का मानना है कि यह दूरी जांच से बचने की रणनीति भी हो सकती है।

इसी मामले में एक अन्य आरोपी अरशद ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अचानक कई हथियार सरेंडर कर दिए हैं। फिलहाल उसके पास केवल एक वैध शस्त्र लाइसेंस ही शेष बताया जा रहा है।

एसटीएफ अब जैद, उसकी पत्नी, बिल्डर और उनसे जुड़े आर्थिक व आपराधिक नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़कर जांच कर रही है। अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, ऑनलाइन लेन-देन और फर्जी लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल जारी है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh