आगरा। मोहब्बत का शहर कहलाने वाला आगरा एक बार फिर अपने नाम को सार्थक करता नजर आया। सदर क्षेत्र के सेवला जाट में सामने आया यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। यहां रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती का प्रेम ऐसा था, जिसे मृत्यु भी जुदा नहीं कर सकी।
अग्रवाल कॉम्प्लेक्स निवासी 85 वर्षीय भगवती प्रसाद अग्रवाल और उनकी 82 वर्षीय पत्नी श्यामवती देवी ने लगभग 60 वर्षों तक साथ निभाया। यह साथ जीवन की सीमाओं तक नहीं रुका, बल्कि अंतिम सांस तक एक-दूसरे से जुड़ा रहा। पति के निधन के मात्र छह घंटे के भीतर पत्नी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम और समर्पण अटूट था। श्यामवती देवी का पूरा जीवन अपने पति के इर्द-गिर्द ही बीता। परिवार का कहना है कि उन्होंने छह दशक तक कभी भी पति को भोजन कराए बिना स्वयं भोजन नहीं किया। उनका हर दिन पति की सेवा और साथ में ही गुजरा।
दंपती के बेटे राकेश अग्रवाल ने बताया कि एक जनवरी से दोनों की तबीयत खराब चल रही थी और उनका इलाज जारी था। रविवार देर रात करीब तीन बजे भगवती प्रसाद अग्रवाल की हालत अचानक बिगड़ी और उन्होंने अंतिम सांस ले ली। उस समय श्यामवती देवी दूसरे कमरे में अचेत अवस्था में थीं।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे, पति के निधन के ठीक छह घंटे बाद श्यामवती देवी ने भी दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि ऐसा लगा मानो उन्हें जीवनसाथी के जाने का आभास हो गया हो और वे भी उसी राह पर चल पड़ी हों।
सोमवार दोपहर जब दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरे मोहल्ले में शोक और भावुकता का माहौल छा गया। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही चर्चा थी कि यह दंपती केवल पति-पत्नी नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और समर्पण की जीवंत मिसाल था। लोगों ने इस जोड़े को ‘अमर सुहाग’ बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि ऐसा प्रेम आज के समय में विरले ही देखने को मिलता है।
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