आगरा STF का बड़ा एक्शन: SI भर्ती परीक्षा में ‘सेटिंग’ का झांसा देने वाले 3 साइबर ठग गिरफ्तार, राजस्थान से जुड़े थे तार

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​आगरा। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) की आगरा यूनिट ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों से खेलने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने राजस्थान से शाहिल, साजिद और सुमित नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दरोगा (SI) भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने और चयन की गारंटी देने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ऐंठ रहे थे।

​टेलीग्राम पर चलता था ‘भर्ती’ का फर्जीवाड़ा

​जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर कई गुप्त चैनल और ग्रुप संचालित कर रहा था। इन ग्रुप्स में खुद को भर्ती बोर्ड का ‘खास’ बताकर ये दावा करते थे कि उनके पास परीक्षा का असली प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी (Answer Key) मौजूद है। वे अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाते थे कि उनकी अंदरूनी सेटिंग है और वे पक्की चयन सूची में नाम डलवा सकते हैं।

​फर्जी सिम और बैंक खातों का मायाजाल

​आरोपी पहचान छिपाने के लिए तकनीकी रूप से काफी शातिर थे। ठगी की रकम सीधे अपने खातों में न मंगाकर फर्जी या किराये पर लिए गए बैंक खातों में मंगवाते थे। आरोपी फर्जी सिम कार्ड और वर्चुअल मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि पुलिस उन तक न पहुँच सके। रकम को कई खातों में घुमाया जाता था ताकि मास्टरमाइंड की पहचान छिपी रहे।

​STF की तकनीकी स्ट्राइक

भर्ती परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए एसटीएफ और भर्ती बोर्ड लगातार निगरानी कर रहे थे। संदिग्ध डिजिटल लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों के इनपुट मिलने पर एसटीएफ आगरा यूनिट ने तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। मोबाइल डेटा और बैंक रिकॉर्ड खंगालने के बाद टीम ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में दबिश देकर तीनों को धर दबोचा।

​सावधान रहें अभ्यर्थी: STF की अपील

​गिरोह के तार अन्य राज्यों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से भी जुड़े होने की आशंका है। आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना सवाई माधोपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि:

​किसी भी टेलीग्राम चैनल या व्यक्ति के “सेलेक्शन गारंटी” के झांसे में न आएं।

​पेपर लीक या सेटिंग का दावा करने वाले संदिग्धों की सूचना तुरंत 1930 या पुलिस को दें।

​भर्ती केवल मेहनत और मेरिट के आधार पर ही संभव है, शॉर्टकट केवल जेल या ठगी का रास्ता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh