आगरा: ताजनगरी के सिकंदरा थाना क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है। देह व्यापार के चंगुल से छुड़ाई गई एक नाबालिग किशोरी को ‘बालिग’ बताकर फिर से अपने कब्जे में लेने की नानी और मामा की घिनौनी साजिश बेनकाब हो गई है। पुलिस और एनजीओ को गुमराह करने के लिए रिश्तेदारों ने फर्जी कागजात तैयार किए थे, लेकिन जांच की आंच में इनका झूठ टिक नहीं सका। अब सिकंदरा पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी (कूटरचना) की धाराओं में नानी और मामा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जून 2025 का है मामला, NGO की रेड में हुआ था रेस्क्यू
यह पूरा मामला पिछले साल जून 2025 का है, जब एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) ने पुलिस के साथ मिलकर सिकंदरा इलाके में देह व्यापार के अड्डे पर छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान एक किशोरी को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। उम्र कम होने के कारण उसे नाबालिग मानते हुए राजकीय संरक्षण में भेज दिया गया था। तभी से किशोरी को मुक्त कराने के लिए उसके कथित रिश्तेदार सक्रिय थे।
सिस्टम को ठगने के लिए बनाए फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट
हाल ही में किशोरी की नानी और मामा ने उसे ‘बालिग’ साबित करने का दावा पेश किया। किशोरी को कस्टडी में लेने के लिए उन्होंने कुछ शैक्षिक दस्तावेज (मार्कशीट और प्रमाण पत्र) पेश किए, जिनमें उसकी उम्र 18 साल से अधिक दिखाई गई थी। कस्टडी देने से पहले जब रेस्क्यू टीम और पुलिस ने इन दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराया, तो पता चला कि सारे कागज फर्जी और कूटरचित हैं। असली उम्र छुपाने के लिए शातिराना तरीके से दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई थी।
क्या फिर से नर्क में धकेलने की थी तैयारी?
इस फर्जीवाड़े के सामने आते ही रेस्क्यू टीम ने सिकंदरा थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामा और नानी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या ये रिश्तेदार केवल किशोरी को घर ले जाना चाहते थे या फिर उसे दोबारा उसी ‘दलदल’ (देह व्यापार) में बेचने की कोई बड़ी साजिश रच रहे थे।
कानून को चुनौती देने वाला बड़ा सिंडिकेट!
यह मामला उजागर करता है कि किस तरह देह व्यापार के नेटवर्क से जुड़े लोग कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेते हैं। जानकारों का मानना है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट हो सकता है जो नाबालिगों को बालिग बताकर कानूनी कार्रवाई से बच निकलता है। सिकंदरा पुलिस अब इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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