आगरा: शहर के पांच बड़े निजी अस्पतालों का पंजीकरण खतरे में है। मानक पूरे न होने के कारण इन अस्पतालों के पंजीकरण के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन्हें एक मौका और दिया गया है। अगर मानक पूरे नहीं होंगे तो इनके पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं होगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों पंजीकरण के नवीनीकरण एक अप्रैल से 31 मार्च तक किए जाते हैं। बड़े अस्पतालों को लेकर कई मानक बनाए गए हैं लेकिन कई अस्पतालों में ये मानक पूरे नहीं किए गए हैं। ऐसे पांच अस्पताल जिनमें मानक पूरे नहीं हुए, उनका नवीनीकरण जिलाधिकारी के निर्देश पर रोक दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि पांच बड़े अस्पतालों के मानक पूरे नहीं हैं। इनका नक्शा मानक अनुसार नहीं है। इन्हें एक मौका और दिया गया है। सात दिन का समय दिया गया है। अगर सात दिन में भी मानक पूरे नहीं करेंगे तो दूसरा नोटिस दिया जाएगा। मानक पूरे कर लेंगे तभी रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण किया जाएगा।
ऐसे अस्पतालों की सूची में विम्स हॉस्पिटल, कमलेश टंडन हॉस्पिटल, वूमेन्स हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल और श्री कृष्णा हॉस्पिटल शामिल हैं। इसमें से चार अस्पताल बाग फरजाना और एक अस्पताल यमुना पार क्षेत्र का है। इन हॉस्पिटलों में मानक पूरे नहीं हैं और अस्पताल मरीजों से फुल रहते हैं। इसके अलावा 35 हॉस्पिटल्स और लैब के रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए गए हैं।
जिले में 494 हॉस्पिटल्स, 493 क्लीनिक, 170 लैब, 104 डायग्नोस्टिक सेंटर हैं। जिन्हें 31 मार्च तक अपने रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना होता है। पचास बैड से अधिक क्षमता वाले हॉस्पिटल्स के नवीनीकरण के मानक सख्त हैं। नक्शा मानक अनुसार होना चाहिए। हॉस्पिटल के चारों तरफ फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए जगह होनी चाहिए।
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