आगरा। ताजनगरी में सोमवार की रात पुलिस की जांबाजी और सतर्कता से एक अनमोल जिंदगी बच गई। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के जवाहर पुल के पास उफनती यमुना में बह रहे एक 37 वर्षीय युवक को रामबाग पुलिस और गोताखोरों ने महज 30 मिनट के भीतर मौत के जबड़े से बाहर निकाल लिया। अंधेरी रात और नदी के बहाव के बीच चला यह रेस्क्यू ऑपरेशन किसी चमत्कार से कम नहीं था।
चेकिंग के दौरान दिखी ‘जिंदगी’, फिर शुरू हुआ मिशन
वाकया 23 फरवरी की रात करीब 10:35 बजे का है। गेल गैस के कर्मचारी धर्मवीर यादव जब गैस लाइन की रूटीन चेकिंग के लिए जवाहर पुल से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर पानी में बहते एक शख्स पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए डायल 112 को सूचना दी। खबर मिलते ही थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे और रामबाग चौकी प्रभारी अरुण बिलगैया जीवन रक्षक उपकरणों के साथ मौके पर कूद पड़े।
शराब के नशे में फिसला था पैर
पुलिस ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों सनी और सुरेंद्र को साथ लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सकुशल किनारे लगाया गया। रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान लाखन सिंह (निवासी खंदौली) के रूप में हुई। लाखन ने बताया कि वह नारायच श्मशान घाट पर आया था और शराब के नशे में होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नदी में जा गिरा।
अस्पताल में भर्ती, परिजनों को मिली राहत
नदी से बाहर निकालने के बाद पुलिस ने युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल आगरा में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने उसके परिजनों को भी सूचित कर दिया है। समय रहते की गई पुलिस और गोताखोरों की इस मुस्तैदी की पूरे शहर में सराहना हो रही है।
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