Agra News: पुलिस का आरक्षी ही बना साइबर ठगी का शिकार, रिवॉर्ड पॉइंट के फेर में ठगों ने उड़ाए 2.05 लाख रुपये

Crime

आगरा। साइबर ठगों के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि अब पुलिस विभाग से जुड़े लोग भी इनके निशाने पर आ रहे हैं। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र निवासी एक आरक्षी को ठगों ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स और वाउचर रिडीम कराने का झांसा देकर दो दिनों में 2.05 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। पीड़ित ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद ट्रांस यमुना थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताकर किया संपर्क

रिजर्व पुलिस लाइन, पुलिस कमिश्नरेट आगरा में आरक्षी पद पर तैनात ओम प्रकाश कुशवाहा, जो वर्तमान में शिवानी धाम कॉलोनी, फेस-1, कालिंदी विहार में रहते हैं, के मोबाइल पर 4 नवंबर 2025 को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताते हुए उनके क्रेडिट कार्ड पर जमा रिवॉर्ड प्वाइंट्स और वाउचर रिडीम कराने की बात कही।

विश्वास में लेकर निकाली गई रकम

ठगों ने आरक्षी को बातों में उलझाकर जरूरी जानकारी हासिल की और फिर 4 व 5 नवंबर 2025 को दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से रकम निकाल ली।
पहली बार ₹1,68,200, दूसरी बार ₹37,281
इस तरह कुल ₹2,05,481 की धोखाधड़ी कर ली गई।

1930 पर शिकायत, फिर थाने में दर्ज हुई एफआईआर

खाते से पैसे कटने का पता चलते ही पीड़ित ने 5 नवंबर को तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को साइबर सेल आगरा में भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। पीड़ित की तहरीर पर थाना ट्रांस यमुना में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

कॉल डिटेल और ट्रांजेक्शन की जांच

पुलिस का कहना है कि मामले में कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

सावधानी जरूरी: रिवॉर्ड/कैशबैक कॉल से रहें सतर्क

यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि रिवॉर्ड, कैशबैक, वाउचर रिडीम जैसे बहानों से आने वाली कॉल्स पर भरोसा न करें। बैंक या कार्ड कंपनी फोन पर ओटीपी, सीवीवी, पिन या गोपनीय जानकारी कभी नहीं मांगती। किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्कता बरतें और जरूरत पड़ने पर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

Dr. Bhanu Pratap Singh