आगरा। अखिल भारतीय जाट महासभा ने नगर निगम मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा से दो वर्ष पूर्व किए गए आश्वासनों को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई है। महासभा के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने मेयर से मुलाकात कर उन्हें स्मरण पत्र सौंपा और आगरा के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महापुरुषों की उपेक्षा को लेकर नाराजगी जताई।
महाराजा सूरजमल और वीर गोकुला जाट की प्रतिमा लगाने की मांग
महासभा पदाधिकारियों ने बताया कि 17 दिसंबर 2023 को मेयर के आवास पर ज्ञापन देकर मांग की गई थी कि महाराजा सूरजमल की प्रतिमा आगरा किले के समक्ष स्थापित की जाए, वहीं फव्वारा चौक पर वीर गोकुला जाट की प्रतिमा और शिलालेख लगाया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महाराजा सूरजमल ने 12 जून 1761 को आगरा किले पर अधिकार कर मुगलिया अत्याचार से पीड़ित जनता को मुक्ति दिलाई थी। उन्होंने 13 वर्षों तक शासन कर ऐसे विकास कार्य कराए, जो आज भी जीवंत हैं। इसके बावजूद ताज नगरी में उनके नाम पर प्रतिमा न होना समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
फव्वारा चौक का इतिहास वीर गोकुला जाट से जुड़ा
महासभा ने वीर गोकुला जाट के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के सामने इस्लाम स्वीकार करने से इनकार किया और आगरा कोतवाली पर अमानवीय यातनाएं सहते हुए प्राण न्यौछावर कर दिए।
प्रतिनिधियों का कहना है कि अंग–अंग काटे जाने पर निकलने वाले रक्त के फव्वारों के कारण ही उस स्थान को फव्वारा चौक कहा जाता है, लेकिन वहां अब तक उनका कोई स्मृति चिन्ह नहीं लगाया गया।
पार्कों व मार्गों के नामकरण का भी नहीं हुआ अमल
जाट महासभा ने कहा कि मेयर ने यह भी आश्वासन दिया था कि महाराजा सूरजमल, महाराजा जवाहर सिंह, वीर गोकुला जाट, रामकी चाहर, राजा महेंद्र प्रताप सिंह और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जैसे महापुरुषों के नाम पर पार्कों और मार्गों का नामकरण कराया जाएगा, लेकिन 25 माह बीतने के बाद भी किसी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, जिससे समाज में नाराजगी है।
श्रीकृष्ण गोपाल के वक्तव्य का भी दिलाया ध्यान
प्रतिनिधिमंडल ने मेयर का ध्यान 15 जनवरी 2026 को माधव भवन के लोकार्पण अवसर पर संघ के सह सरकार्यवाह श्रीकृष्ण गोपाल के वक्तव्य की ओर भी दिलाया। महासभा के अनुसार उन्होंने फव्वारा चौक पर वीर गोकुला जैसे महाबलिदानी की प्रतिमा न होने पर सार्वजनिक रूप से पीड़ा व्यक्त की थी।
मेयर से जल्द कार्रवाई की मांग
महासभा ने मेयर से आग्रह किया कि आगरा के इतिहास और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूर्व में किए गए वायदों को अविलंब पूरा कराया जाए, ताकि महापुरुषों को उचित सम्मान मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन सिंह चाहर, प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मानसिंह (पूर्व प्रमुख), राधेश्याम मुखियाजी, जिला महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नरवार (पूर्व पार्षद), जिला उपाध्यक्ष चौधरी नवल सिंह, कोषाध्यक्ष गुलबीर सिंह, युवा जाट महासभा के जिला संयोजक जीडी चाहर, महानगर अध्यक्ष लखन चौधरी, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती निर्मल चाहर, पवन चौधरी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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