आगरा: स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से जनपद के जगनेर और शमशाबाद ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में ब्लॉक स्तरीय वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज सर्विलांस वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
वर्कशॉप में एसीएमओ आरसीएच डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम हमारे देश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है। इसका मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं और गर्भवती को टीके के माध्यम से रोकथाम योग्य बीमारियों से बचाव करना है, जिससे अंडर-5 मृत्यु दर में कमी आती है। टीकाकरण के महत्व को समझने के लिए, यह जानना जरूरी है कि टीके कैसे काम करते हैं, जिससे वे बीमारी का कारण नहीं बनते हैं। जब हम टीका लगवाते हैं, तो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार हो जाती है।
उन्होंने कहा कि हम वैक्सीन की मदद से बच्चों को कई गंभीर बीमारियों बचाव कर सकते हैं। बच्चों के टीकाकरण के समय अभिभावकों को यह जानकारी जरूर देनी चाहिए कि कौन सा टीका लगाया गया है और किस बीमारी से बच्चों का बचाव करेगा। माता-पिता को बच्चों को समय से टीकाकरण करने के लिए अवश्य प्रेरित करें और समझाएं कि अपने बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद करें, इसलिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का पालन करना हमारे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि टीकाकरण के माध्यम से डिप्थीरिया, खसरा, पोलियोमाइलाइटिस, रुबेला, टेटनस, नियोनेटल टेटनस जैसी बैक्टीरियल व वायरल बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है। रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर विकल्प है। हम सभी को इसे अपनाना चाहिए। अन्यथा यह रोग होने पर गंभीर परिणामों को भुगतना पड़ता है। इस मौके पर जगनेर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र ने कहा कि सभी अपने कार्य क्षेत्र के बच्चों व गर्भवती का शत प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. महिमा चतुवेर्दी ने दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज जैसे डिप्थीरिया, खसरा, काली खांसी, पोलियोमाइलाइटिस, रूबेला और टिटनेस पर चर्चा की। उन्होंने इन बीमारियों के लक्षणों, निदान और उपचार पर जानकारी दी। डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजित वर्कशॉप में प्रशिक्षण ले रही एलएमओ डॉ. गीता सिंह ने बताया कि सर्विलांस से संबंधित हमें बहुत बारीकी से समझाया कि वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज सर्विलांस के लिए विशेष ध्यान देने वाले क्षेत्रों में माइग्रेशन परिवार, निर्माणाधीन स्थल पर रहने वाले परिवार, भट्टों, फैक्ट्री पर रहने वाले परिवार, घुमंतु परिवार, और टीकाकरण से वंचित परिवार शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है ताकि वे बीमारियों से सुरक्षित रहें।
कार्यशाला में मेडिकल ऑफिसर, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एएनएम सहित अन्य कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
कुछ महत्वपूर्ण टीके——-
– हैपेटाइटिस बी, जन्म के समय दिया जाने वाला टीका
– डिप्थीरिया, टिटनेस, पोलियोः बचपन में दिए जाने वाले टीके
– काली खांसी, बचपन में दिया जाने वाला टीका
– खसरा और रूबेला, बचपन में दिए जाने वाले बहुत महत्वपूर्ण है।
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