आगरा। शहर में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या को खत्म करने की दिशा में बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है। छावनी विधान सभा क्षेत्र में अर्जुन नगर, बारहखंभा और नगला छउआ फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। करीब 116 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इन तीनों आरओबी से शाहगंज, रुई की मंडी, जगनेर मार्ग, आगरा कैंट और ईदगाह क्षेत्र को भारी राहत मिलने की उम्मीद है। यह महत्वाकांक्षी योजना छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश के सात वर्षों के लगातार प्रयासों का परिणाम है।
यातायात समस्या के समाधान के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित ये तीन बड़े आरओबी अब लगभग आकार ले चुके हैं। पूरे प्रोजेक्ट का 110 करोड़ रुपये का वित्तपोषण रेलवे द्वारा किया जा रहा है। मुख्य आरओबी ईदगाह रेलवे लाइन के ऊपर बनेगा, जो सीधे सदर तहसील चौराहे को जोड़ेगा। नगला छउआ और बारहखंभा के आरओबी इसी मुख्य संरचना से लिंक किए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में विधायक डॉ. धर्मेश ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर चल रही गतिशक्ति योजना के तहत देशभर के व्यस्त रेलवे फाटकों को हटाने का अभियान जारी है। इसके अंतर्गत आगरा के लिए भी बहुत पहले डीपीआर बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उसे निरस्त करना पड़ा। बाद में तैयार की गई नई डीपीआर में भी त्रुटियां सामने आईं, जिसके बाद पुराने प्रस्ताव को संशोधित कर कार्य आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से लगातार चल रहे प्रयासों के बीच रेल मंडल प्रबंधक रंजन यादव, आनंद स्वरूप और तेज प्रकाश अग्रवाल ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। वर्तमान में तीनों आरओबी का काम तेज़ी से प्रगति पर है और जल्द ही पूरा होने की संभावना है।
आरओबी तैयार होने के बाद शाहगंज, जगनेर मार्ग, रुई की मंडी, आगरा कैंट स्टेशन और ईदगाह मार्ग पर रोज लगने वाले भीषण जाम से लोगों को निजात मिलेगी। ईदगाह आरओबी के माध्यम से लोग अब 2–3 मिनट में सदर तहसील चौराहा पहुंच सकेंगे।
जाम समस्या को देखते हुए रुई की मंडी फाटक पर दिल्ली–आगरा कैंट रेलमार्ग के नीचे अंडरपास भी बनाया गया है, जो जल्द ही चालू हो जाएगा। इसके अलावा वर्षो से जाम से जूझते खेरिया मोड रेलवे पुल के समाधान के लिए भी योजना तैयार है।
डॉ. धर्मेश ने कहा कि शहर को जाममुक्त बनाने के लिए वे निर्माण एजेंसियों और रेलवे विभाग के साथ लगातार समन्वय में हैं और कार्य को तेज़ी से पूरा कराने के लिए प्रयासरत हैं।
शहरवासी उम्मीद जता रहे हैं कि जिन मार्गों पर 60 वर्षों से जाम स्थायी समस्या बना हुआ था, वे अब सुगम यातायात का अनुभव करेंगे। यह परियोजना आगरा की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने जा रही है।
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