आगरा। आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-1 के अंतर्गत आने वाले प्रॉयरिटी कॉरिडोर (ताज पूर्वी गेट से मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन) पर आज से मेट्रो ट्रेनों का संचालन एटीओ (ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन) मोड पर आरंभ हो गया। इससे पहले मेट्रो ट्रेनें एटीपी (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन) मोड में चल रहीं थीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र ऑटोमेटिक ब्रेकिंग जैसी विशेषताओं से युक्त था लेकिन इसके साथ ही इस मोड के अंतर्गत ट्रेनों के संचालन में ट्रेन ऑपरेटर अहम भूमिका निभाते थे।
आज से आरंभ हुए एटीओ (ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन) मोड में संचालन से जुड़ी अधिकतर क्रियाएं ऑटोमेटिक होंगी। इससे संचालन के दौरान मेट्रो ट्रेनों की सुरक्षा अब पहले से भी मजबूत हो जाएगी, साथ ही समयबद्धता की दृष्टि से ट्रेनें और कुशल हो जाएंगी। इस मोड में संचालन से जुड़े अधिकतर कार्य ऑटोमेटेड होने की वजह से किसी मानवीय भूल की संभावना भी लगभग ना के बराबर होगी।
एटीओ मोड में संचालन का शुभारंभ आज ताज पूर्वी गेट मेट्रो स्टेशन पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक परिचालन प्रशांत मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में विधिवत् पूजा के बाद किया गया। नई व्यवस्था के तहत आज से लागू किए गए एटीओ (ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन) मोड का संचालन आरंभ करने से पहले इसका अच्छी तरह से परीक्षण किया गया है।
इस मोड में ट्रेनें बिना किसी ट्रेन ऑपरेटर के हस्तक्षेप के संचालित होती हैं। यानी ट्रेनों के संचालन के लिए ट्रेन ऑपरेटर पर निर्भरता कम हो जाती है और संचालन से जुड़ी अधिकतर क्रियाएं जैसे मोटरिंग, ब्रेकिंग, प्लेटफॉर्म ड्यूटी, प्लेटफॉर्म पर नियत जगह पर दरवाजों का खुलना आदि ऑटोमेटिक हो जाता है। ध्यान रहे कि संचालन से जुड़ी प्रायः सभी क्रियाओं के ऑटोमेटिक हो जाने के बावजूद अभी भी यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से मेट्रो ट्रेनों के दरवाजे ट्रेन ऑपरेटर द्वारा ही बंद किए जाएंगे।
इस अवसर पर आगरा मेट्रो की टीम को बधाई देते हुए यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि, ‘यात्रियों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और सुगम यात्रा का साधन मुहैया कराने की दिशा में आज से एटीओ मोड में आगरा मेट्रो का संचालन आरंभ होना एक मील का पत्थर है। लखनऊ, कानपुर के बाद आगरा मेट्रो का संचालन भी एटीओ मोड में होने से शहरवासियों को नवीनतम तकनीक का लाभ मिलेगा। मेट्रो से यात्रा अब पहले से भी अधिक सुरक्षित और समयबद्ध हो जाएगी।’
गौरतलब है कि मेट्रो सेवाओं को संचालन तकनीक के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा जाता है, जिसे ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन कहते हैं। अत्याधुनिक एवं नवीनतम तकनीक से लैस आगरा मेट्रो ट्रेन ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन 3 (GoA 3) श्रेणी की ट्रेन हैं। इस श्रेणी की ट्रेनें एटीओ (ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन) मोड में कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीबीटीसी) सिग्नलिंग प्रणाली के जरिए बिना ट्रेन ऑपरेटर के चल सकतीं हैं। इसके साथ ट्रेनों के आवागमन का ऑटोमेटिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक ट्रेन सुपरविजन (एटीएस) प्रणाली को भी प्रयोग में लाया जाता है जो ऑटोमेटिक रूट सेटिंग और ऑटोमेटिक ट्रेन रेगुलेशन के माध्यम से ट्रेनों के मूवमेंट का लगातार निरीक्षण कर असामान्य परिस्थितियों में उसके गति को अनुकूलित करने का काम करती है। एटीओ मोड में अंतर्निहित इन सभी विशेषताओं से मेट्रो ट्रेनों का संचालन पहले की तुलना में और भी सुरक्षित हो जाता है।
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