आगरा। शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने नगर निगम क्षेत्र में संचालित रैन बसेरों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंदों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जहां-जहां रैन बसेरे संचालित हैं, वहां मुख्य मार्गों पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि जरूरतमंद लोगों को आश्रय स्थलों तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित और निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैन बसेरों में साफ-सफाई, अलाव, प्रकाश व्यवस्था, गद्दे, पीने के पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों में आने वाले हर जरूरतमंद को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर रह रहे असहाय बुजुर्गों व जरूरतमंद व्यक्तियों से संवाद कर उन्हें नजदीकी रैन बसेरे में आश्रय लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि खुले में सोना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए सभी लोग शेल्टर होम का लाभ लें।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी सबसे पहले राजामंडी स्थित आश्रय स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां ठहरे फिरोजाबाद निवासी गौरी शंकर से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। केयरटेकर को साफ-सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद वे जीवनी मंडी स्थित आश्रय स्थल पहुंचे, जहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। यहां जयपुर निवासी महिला प्रतिक्षा गुर्जर ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। जिलाधिकारी ने द्वितीय तल के हॉल में शीशे बदलने और रखरखाव को लेकर निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आश्रय स्थलों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की भी जांच कराई और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को उपकरणों की एक्सपायरी व मरम्मत की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसएन मेडिकल कॉलेज रोड और जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान नियमित साफ-सफाई, अनावश्यक सामान हटाने, ताले खुले रखने और कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
एमजी रोड, रावली चौराहा और नालबंद चौराहा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने फुटपाथ पर रह रहे जरूरतमंद लोगों से संवाद कर उन्हें समीप के शेल्टर होम में रुकने के लिए प्रेरित किया। नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए कि अभियान चलाकर फुटपाथ पर सोने वाले लोगों को शेल्टर होम तक पहुंचाया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी नगर निकायों में सार्वजनिक स्थलों पर लगातार अलाव जलवाए जाएं, ताकि यात्रियों, राहगीरों और आमजन को ठंड से राहत मिल सके। उन्होंने अपील की कि शीतलहर के दौरान कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोए और सभी लोग रैन बसेरों का आश्रय लें।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन शीतलहर से बचाव के लिए निरंतर निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। सभी रैन बसेरों को 24 घंटे खुला रखने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरतमंद किसी भी समय आश्रय ले सकें।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति रात में सड़क किनारे, डिवाइडर या खुले में सोता हुआ दिखाई दे, तो उसे नजदीकी शेल्टर होम की जानकारी दें या वहां तक पहुंचाने में सहयोग करें। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।