आगरा: जनपद के खंदौली ब्लॉक स्थित नेकपुर गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक निर्माणाधीन मंदिर परिसर में रखे ईंटों के ढेर से एक के बाद एक सात विशालकाय सांप निकलने लगे। ग्रामीणों ने जब ईंटों के बीच भारी हलचल देखी, तो वहां ‘रैट स्नेक’ का कुनबा देख हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों की समझदारी ने बचाई जान
सांपों को नुकसान पहुँचाने या खुद जोखिम लेने के बजाय, ग्रामीणों ने तत्काल वाइल्डलाइफ एसओएस (Wildlife SOS) की हेल्पलाइन पर संपर्क किया। सूचना मिलते ही संस्था की दो सदस्यीय एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे चले सावधानीपूर्वक ऑपरेशन के बाद सभी सातों सांपों को सुरक्षित निकाल लिया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया गया है।
कोबरा समझ बैठते हैं लोग
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर (कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स) बैजूराज एम.वी. ने बताया कि अक्सर लोग ‘रैट स्नेक’ को उसकी बनावट के कारण कोबरा समझ लेते हैं और डर के मारे उसे मार देते हैं। जबकि हकीकत यह है कि ये सांप पूरी तरह गैर-विषैले (Non-venomous) होते हैं। ये चूहों और कीटों को खाकर किसानों की मदद करते हैं और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं।
बढ़ते शहरीकरण का असर
संस्था के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के कारण इन जीवों के प्राकृतिक ठिकाने खत्म हो रहे हैं, जिसके चलते ये मानव बस्तियों का रुख करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों की सराहना की, जिन्होंने कानून और जीव सुरक्षा का सम्मान करते हुए एक्सपर्ट्स को बुलाया।
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