आगरा। वृक्ष कटान को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच आगरा कॉलेज, आगरा ने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) के समक्ष तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखा। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न तो किसी हरे वृक्ष का कटान हुआ है और न ही किसी वन कानून का उल्लंघन किया गया। इसके विपरीत, संस्थान ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर सकारात्मक पहल की है।
शुक्रवार को कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम दिल्ली में सीईसी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक, विधिक एवं प्रशासनिक स्थिति विस्तार से रखी। उन्होंने समिति को बताया कि संबंधित कार्य के लिए कॉलेज की प्रबंधन समिति द्वारा विधिवत प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसे मंडलायुक्त आगरा (अध्यक्ष) एवं जिलाधिकारी आगरा (उपाध्यक्ष) के नेतृत्व में पूर्ण अनुमोदन प्राप्त हुआ। इसी स्वीकृत प्रस्ताव के आधार पर आगे की कार्यवाही की गई।
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण या सफाई कार्य से पूर्व सक्षम प्राधिकरणों द्वारा दो बार स्थल निरीक्षण कराया गया। वन विभाग की जांच आख्या में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि कार्य स्थल पर कोई भी हरा या संरक्षित वृक्ष मौजूद नहीं था। स्थल पर केवल छोटी झाड़ियां और झाड़-झंखाड़ पाए गए, जो उत्तर प्रदेश प्रोटेक्शन ऑफ ट्री एक्ट, 1976 के अंतर्गत वृक्ष की श्रेणी में नहीं आते।
उन्होंने बताया कि वन विभाग से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद ही झाड़ियों की सफाई और बाउंड्री निर्माण का कार्य किया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि परिसर में मौजूद बड़े वृक्षों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया और जहां आवश्यकता पड़ी, वहां बाउंड्री का निर्माण वृक्षों के अनुरूप घुमाव देकर किया गया।
कॉलेज प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि आगरा कॉलेज की निजी/कैम्पस भूमि है, जो किसी भी प्रकार के आरक्षित, संरक्षित या अधिसूचित वन क्षेत्र में नहीं आती। महिला सुरक्षा और परिसर की समग्र सुरक्षा को प्रमुख कारण बताते हुए प्राचार्य ने कहा कि झाड़ियों की सफाई आवश्यक थी, क्योंकि झाड़-झंखाड़ के कारण विषैले जीव-जंतुओं और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता था।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रो. गौतम ने बताया कि आगरा कॉलेज में अब तक लगभग 2000 पौधों का वृक्षारोपण किया जा चुका है, जबकि 5000 से अधिक पौधों के वृक्षारोपण का प्रस्ताव भी स्वीकृत है। नव-निर्मित बाउंड्री से सटे लगभग 900 मीटर क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, संस्थान में स्वच्छता एवं पर्यावरण समिति नियमित रूप से सक्रिय है, जो वृक्षारोपण, पौधों की देखरेख और हरित परिसर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
अंत में प्राचार्य ने कहा कि आगरा कॉलेज एक शताब्दी से अधिक पुरानी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था है, जो शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी सभी कार्य विधिक एवं पर्यावरणीय मानकों के पूर्ण अनुपालन में किए जाएंगे।
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