सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम पर सवाल उठाने और बैलेट पेपर से मतदान करने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। ईवीएम-वीवीपैट मिलान वाली याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पर्चियों का मिलान नहीं किया जा सकता है। इसी तरह सर्वोच्च अदालत ने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की याचिका भी खारिज कर दी।
सपने हुए चूर चूर
ईवीएम और वीवीपैट पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोर्ट ने साफ कह दिया है कि बैलेट पेपर वाला पुराना दौर वापस लौटकर नहीं आएगा.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ”इंडी गठबंधन के हर नेता ने ईवीएम को लेकर जनता के मन में संदेह पैदा करने का पाप किया है. आज सुप्रीम कोर्ट ने इनको गहरा झटका दिया है.”
इलेक्ट्रॉनिंग वोटिंग मशीन यानी ईवीएम और वोटर वेरिफियेबिल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सभी याचिकाओं को ख़ारिज किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर से चुनाव करवाने और वीवीपैट के साथ 100 फ़ीसदी मिलान करने की याचिका को भी ख़ारिज किया है.
क्या बोले प्रशांत भूषण
कोर्ट के फ़ैसले के बाद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, ”हम लोगों का ये कहना था कि ये ईवीएम जो है, इनमें एक ऐसी मेमरी होती है, जिससे छेड़छाड़ की जा सकती है. इसलिए ये ज़रूरी है कि वीवीपैट की जांच करनी चाहिए. जो पर्ची निकलती है, उसे बैलेट बॉक्स में डालकर मिलान करना चाहिए.”
भूषण ने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने हमारी याचिकाओं को ख़ारिज किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव आयोग ये जांच करे, सारे बैलेट पेपर पर हम बार कोड डाल दें तो उसकी मशीन के ज़रिए गिनती हो सकती है या नहीं.”
-एजेंसी
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