आगरा में मानवता की अनूठी मिसाल: जर्जर प्लॉट के गहरे गड्ढे में गिरे बेजुबान श्वान की बचाई जान, वॉलंटियर ऋषभ सक्सेना के साहस की सराहना

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आगरा: ताजनगरी आगरा में जब मदद के तमाम रास्ते पूरी तरह बंद नजर आ रहे थे और कोई भी व्यक्ति अपनी जान जोखिम में डालकर उस खतरनाक और गहरे गड्ढे में उतरने का साहस नहीं जुटा पा रहा था, तब ‘कैस्पर होम’ के समर्पित वॉलंटियर ऋषभ सक्सेना ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक बेजुबान श्वान (डॉग) की जान बचाकर मानवता की एक शानदार मिसाल पेश की है।

शाहगंज क्षेत्र के अंतर्गत एक जर्जर और खाली प्लॉट के गहरे गड्ढे में गिरे इस बेजुबान का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार हो रही बारिश और गिरते हुए मलबे के बीच बेहद जोखिम भरा था, लेकिन ऋषभ ने अपनी असीम हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए अंततः उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

​कैस्पर होम की संस्थापिका विनीत अरोड़ा ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शाहगंज इलाके से एक सूचना मिली थी कि वहां एक जर्जर और वीरान पड़े खाली प्लॉट में बने बहुत बड़े और गहरे गड्ढे में एक कुत्ता गिर गया है। उस प्लॉट की भौतिक स्थिति इतनी ज्यादा खराब थी कि आसपास की जर्जर दीवारें भी किसी भी समय भरभराकर गिरने की कगार पर थीं। ऐसे बेहद खतरनाक और संवेदनशील स्थान पर नीचे उतरना किसी के भी जीवन के लिए बड़ा जोखिम मोल लेने जैसा था।

​उन्होंने आगे बताया कि उस बेजुबान की जान बचाने के लिए कई प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का लगातार प्रयास किया गया, लेकिन समय पर कोई भी तत्काल सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। स्थिति यह थी कि आपातकालीन सेवा नंबर ‘112’ पर भी संपर्क नहीं हो पाया। दोपहर करीब 3 बजे से लगातार मदद का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन जब कोई भी सरकारी या गैर-सरकारी रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची, तब स्थिति गंभीर हो गई।

​अपनी जान जोखिम में डालकर गड्ढे में उतरे ऋषभ

विनीत अरोड़ा ने बताया कि कैस्पर होम के प्रबंधन को अपने वॉलंटियर्स की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता थी, क्योंकि मौजूदा बारिश के मौसम में किसी भी जर्जर और ढहने की स्थिति वाले प्लॉट में उतरना मौत को दावत देने जैसा था। इसके बावजूद, संस्था के सक्रिय स्टाफ सदस्य और लंबे समय से जुड़े समर्पित वॉलंटियर ऋषभ सक्सेना ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर उस कुत्ते को बचाने का दृढ़ निर्णय लिया।

​ऋषभ ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए उस गहरे और अंधेरे गड्ढे में प्रवेश किया और अपना रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस दौरान ऊपर से लगातार मलबा और ईंटें गिरने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन उन्होंने बिना घबराए अपने साहस और त्वरित सूझबूझ से कुत्ते को सुरक्षित पकड़कर बाहर निकाल लिया। इस सफल रेस्क्यू के बाद अब वह कुत्ता अपनी मूल कॉलोनी में पूरी तरह सुरक्षित है, जहां स्थानीय दयालु लोग उसकी नियमित देखभाल और भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

​विनीत अरोड़ा ने कहा कि कैस्पर होम की पूरी टीम दिन-रात बेजुबान और असहाय जीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। टीम के सभी सदस्य समय, खराब मौसम और तमाम चुनौतियों की परवाह किए बिना हर जरूरतमंद पशु की सहायता के लिए हमेशा सबसे आगे रहते हैं। ऋषभ सक्सेना के इस साहसिक प्रयास पर पूरी टीम को बेहद गर्व महसूस हो रहा है।

​एसपीसीए में पशु सुरक्षा के लिए उठी ठोस मांग

​इस घटना के परिप्रेक्ष्य में विनीत अरोड़ा ने यह भी जानकारी दी कि एसपीसीए (SPCA) की नई कमेटी, जिसमें वह खुद भी एक सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल हैं, की तरफ से मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. डीके पांडे के समक्ष पशुओं की सुरक्षा और उनके कल्याण को लेकर कई बेहद महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए हैं।

​उन्होंने पुरजोर मांग उठाई है कि पशुओं के खिलाफ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स या टीम का गठन किया जाए, जिसमें पूरी तरह प्रशिक्षित सदस्य शामिल हों। इसके साथ ही, जिले में जरूरतमंद और संकट में फंसे पशुओं के लिए एक प्रभावी रेस्क्यू टीम बनाने, एसपीसीए के मौजूदा गाय शेल्टर परिसर के भीतर ही डॉग शेल्टर (श्वान आश्रय स्थल) की आधुनिक व्यवस्था करने तथा शहर के आवारा और घायल पशुओं के बेहतर प्रबंधन के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया गया है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. डीके पांडे ने इन सभी सकारात्मक सुझावों को आगामी आधिकारिक बैठक में रखने और इस पर आवश्यक तथा त्वरित कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh