
आगरा: ताजनगरी के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। नगला मानसिंह गांव में गुरुवार की शाम खुशियां मातम में बदल गईं, जब सरसों की कुटाई के दौरान एक 2 वर्षीय मासूम थ्रेशर मशीन की चपेट में आ गया। माता-पिता की नजरों के सामने ही उनके इकलौते लाडले ‘मानव’ की सांसे थम गईं।
तिरपाल बनी काल: खेल-खेल में थ्रेशर में समाया मासूम
घटना उस वक्त हुई जब गांव निवासी आकाश अपने परिवार के साथ खेत में सरसों की मड़ाई (कुटाई) कर रहे थे। उन्होंने अपने 2 साल के बेटे मानव को पास ही बिछी एक तिरपाल पर लिटा दिया था ताकि काम के दौरान बच्चा उनकी नजरों के सामने रहे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। थ्रेशर की तेज गति और खिंचाव के कारण वह तिरपाल अचानक मशीन के रोलर की ओर खिंचने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तिरपाल पर लेटा मासूम भी उसी के साथ मशीन के भीतर समा गया।
इकलौता चिराग बुझा, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
चीख-पुकार मचते ही परिजनों ने आनन-फानन में मशीन को रोका और लहूलुहान हालत में बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मानव अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां बदहवास हो गई और पिता गहरे सदमे में हैं। जिस घर में कल तक किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सिसकियां और मातम पसरा है।
गांव में शोक की लहर, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे नगला मानसिंह गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्य के दौरान इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनें कितनी घातक हो सकती हैं, यह घटना उसका जीता-जागता और दुखद प्रमाण है। विशेषज्ञों और पुलिस ने भी किसानों से अपील की है कि वे थ्रेशर या हार्वेस्टर जैसी मशीनों के संचालन के समय बच्चों को सुरक्षित दूरी पर रखें, क्योंकि जरा सी लापरवाही उम्र भर का गम दे सकती है।
- सिंधी सेंट्रल पंचायत Agra के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी का समाज के व्हाट्सएप जीवियों को करारा जवाब - April 14, 2026
- आरडी पब्लिक स्कूल Agra: शिक्षा के साथ संस्कार और प्रतिभा निखार का उत्कृष्ट केंद्र - April 10, 2026
- ज्ञान की दीपशिखा: मन्नाश्री चौहान ने रचा इतिहास, डीईआई आगरा की बनीं टॉपर - April 10, 2026