Agra, Uttar Pradesh, India. शिक्षा सत्रान्त के अन्तिम दिवस 31 मार्च 2023 को अनेक प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। नए प्रधानाचार्य की तैनाती में प्रबंधतंत्र मनमानी करता है। नियमानुसार वरिष्ठतम प्रवक्ता को ही कार्यभार सौंपा जाना चाहिए, लेकिन प्रबंधतंत्र चारणभाट प्रवक्ता को पदासीन कर देता है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की कार्यसमिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार ने इस ओर शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। इसका संज्ञान लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक, आगरा आर0पी0 शर्मा ने आदेश जारी किया है कि वरिष्ठमत प्रवक्ता को ही प्रधानाचार्य को कार्यभार सौंपा जाए।
वार्ता के दौरान डॉ. नरवार ने जे.डी. आगरा को बताया कि शिक्षा सत्रान्त के अन्तिम दिवस 31 मार्च को मण्डलभर के जनपदों में अनेक प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उ0प्र0 के आदेश 25 अगस्त 2015 के अनुपालन में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अधिनियमित व्यवस्थानुसार वरिष्ठतम प्रवक्ता को ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कार्यभार सौंपा जाये।
इसी अनुरोध के क्रम में आगरा मण्डल के संयुक्त शिक्षा निदेशक आर.पी. शर्मा ने 25.03.2023 को मण्डल के सभी जनपदों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी के जिला विद्यालय निरीक्षकों (डी.आई.ओ.एस.) को निर्देश जारी किये हैं कि शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के पत्र दिनांक 25 अगस्त 2015 का कड़ाई से अनुपालन किया जाए।
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