पाकिस्तानी सेना के प्रमुख के तौर पर कार्यकाल समाप्त होने से दो हफ्ते पहले जनरल कमर जावेद बाजवा पर बड़ा आरोप लगा है. एक रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख के पद पर रहते हुए पिछले छह सालों के दौरान जनरल कमर जावेद बाजवा के करीबियों और परिवार की संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा पर इस प्रकार का आरोप किसी राजनीतिक दल या संवैधानिक संस्था अथवा अदालत की ओर से नहीं लगाया गया है, बल्कि एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया.
पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में फॉर्म हाउस के बन गए मालिक
मीडिया की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि पिछले छह साल के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के करीबी और परिवार के सदस्यों की संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे बड़ी बात यह है कि मीडिया में यह रिपोर्ट तब सामने आई है, जब जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल दो सप्ताह से भी कम समय में समाप्त होने वाला है. फैक्ट फोकस के लिए लिखते हुए पाकिस्तानी पत्रकार अहमद नूरानी ने कहा कि कमर जावेद बाजवा के करीबी और विस्तारित परिवार के सदस्यों ने एक नया व्यवसाय शुरू किया, पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में फार्महाउस के मालिक बन गए और अरबों डॉलर कमाकर विदेशी संपत्तियां खरीदीं.
छह साल में 12 अरब से अधिक की अकूत संपत्ति जमा की
इस रिपोर्ट को कमर जावेद बाजवा की पत्नी आयशा अमजद, उनकी बहू महनूर साबिर और परिवार के अन्य करीबी सदस्यों सहित कई डेटा द्वारा समर्थित किया गया था. छह साल के भीतर, दोनों परिवार अरबपति बन गए. एक ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार शुरू किया, कई लोगों ने विदेशी संपत्तियां खरीदीं, विदेशों में पूंजी स्थानांतरित करना शुरू किया, वाणिज्यिक प्लाजा, वाणिज्यिक भूखंडों, इस्लामाबाद और कराची में विशाल फार्म हाउस के मालिक बन गए, लाहौर में एक विशाल अचल संपत्ति पोर्टफोलियो के मालिक बन गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले छह वर्षों के दौरान पाकिस्तान के भीतर और बाहर बाजवा के परिवार द्वारा जमा की गई ज्ञात-संपत्ति और व्यवसायों का वर्तमान बाजार मूल्य 12.7 अरब रुपये से अधिक है.
2013 से 2017 के बीच बाजवा ने कई बाद बदले संपत्ति के विवरण
रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे 2013 से 2017 के बीच कमर जावेद बाजवा ने 2013 के वेल्थ स्टेटमेंट को तीन बार संशोधित किया. वर्ष 2013 के संशोधित संपत्ति विवरण में जनरल बाजवा ने डीएचए लाहौर के चरण VIII में एक वाणिज्यिक भूखंड जोड़ा. उन्होंने दावा किया कि वास्तव में उन्होंने 2013 में इस भूखंड को वापस खरीदा था, लेकिन घोषणा करना भूल गए. वह अगले के लिए भूलते रहेंगे.
चार साल और सेना प्रमुख बनने के एक साल बाद 2017 में अपनी चूक को याद कर सकते हैं. अक्टूबर 2018 के अंतिम सप्ताह में उनके परिवार की एक युवा महिला की घोषित संपत्ति का कुल मूल्य शून्य था, यह 02 नवंबर 2018 को उसकी शादी से ठीक एक सप्ताह पहले एक बिलियन (1271 मिलियन रुपये) से अधिक हो गया.
- आगरा में गूँजा सनातन का शंखनाद: कमला नगर और विजय नगर में जुटे हजारों हिंदू, संदेश मिला- ‘जाति नहीं, राष्ट्र प्रथम ही पहचान’ - January 25, 2026
- आगरा की खौफनाक वारदात: स्कूटी पर लाश लादकर शहर की सड़कों पर घूमता रहा कातिल, CCTV फुटेज ने खोला ‘बेरहम’ प्रेमी का राज - January 25, 2026
- Agra News: राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर कैडेट्स बने ‘कल्चरल एंबेसडर’, रूस से अमेरिका तक के मेहमानों का जीता दिल, आगरा कॉलेज के छात्रों की अनूठी पहल - January 25, 2026