नई दिल्ली। प्रदूषण को कम करने के साथ स्टार्टअप कंपनियों को ईवी निर्माण करने के लिए सरकार प्रोत्साहन दे रही है। कंपनियों के साथ-साथ ईवी खरीदने वाले लोगों को भी सरकार फेम-2 स्कीम की तहत भारी छूट दे रही है।
फेम- 2 स्कीम को ईवी खरीदने पर जोर देने के लिए बनाया गया है। इस स्कीम के तहत ईवी दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों को खरीदने पर छूट दी जा रही है। वित्त वर्ष 2022-2023 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 8,000 रुपये/ kWh की सब्सिडी मिल रही है। वहीं सरकार द्वारा मिलने वाली सबसे अधिक सब्सिडी राशि 30,000 रुपये तक की है। फेम-2 स्कीम शुरुआत में 31 मार्च, 2022 को समाप्त होने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी तारीख को आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2024 कर दिया गया है। जिसका सीधा असर विशेष रूप से दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर पड़ेगा।
ईवी में विशेषतौर पर एलएमवी सेगमेंट में विशेषतौर पर घरेलू ईवी बैटरी और अन्य पार्ट्स के सप्लायर को भी इससे प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रधानमंत्री के “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” की पहल से इंडस्ट्री को अच्छा लाभ मिल रहा है हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में सही ध्यान देने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार ईवी प्रोग्राम को बेहतर करने के लिए मैन्युफैक्चरिंयग के साथ सही पॉलिसी बिना हम वास्तविक बदलाव और सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं। फेम-2 स्कीम इस क्षेत्र के लिए एक नए बदलाव ला सकती है। इसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में भारत एक ग्लोबल हब बनने की क्षमता रखता है।
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