वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बाजारों में संभावित गिरोहबंदी को लेकर शुक्रवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि जिंसों की आपूर्ति में कमी के कारणों का पता लगाने की आवश्यकता है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 13वें वार्षिक कार्यक्रम के अवसर पर सीतारमण ने यह भी कहा कि नियामक को विलयों और अधिग्रहणों के बारे में ‘‘गहरी समझ’’ होना जरूरी है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘गिरोहबंदी की चुनौती से निपटना होगा।’’ जिंसों की बढ़ती कीमतों के पीछे विभिन्न कारणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आपूर्ति में कमी के हालात के पीछे कारणों को भी देखने की जरूरत है।
उन्होंने ये टिप्पणियां ऐसे समय पर की हैं जब मुद्रास्फीति आसमान छू रही है।
सीतारमण के पास कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का प्रभार भी है। उन्होंने कहा कि सीसीआई के साथ-साथ कंपनियों को भी संवेदनशील बनने की जरूरत है।
कॉरपोरेट मामलों के सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि सीसीआई ने प्रतिस्पर्धा रोधी मामलों से निपटने के लिए अहम हस्तक्षेप किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून समीक्षा समिति (सीएलआरसी) की सिफारिशों को भी देखा जा रहा है। वहीं प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधनों पर भी विचार चल रहा है।
सीसीआई के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने इस कार्यक्रम में कहा कि नियामक ने बीते 13 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में न्यायशास्त्र का एक मजबूत निकाय स्थापित किया है।
-एजेंसियां
- यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: देर रात 34 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों के बदले गए जिलाधिकारी - September 22, 2026
- श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम: आगरा के रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आयोजित हुआ भव्य पौष पत्री भंडारा, उमड़े श्रद्धालु - September 22, 2026
- आगरा रामलीला मैदान का निरीक्षण: टूटा मंच, फैली गंदगी और नहीं हटीं झोपड़ियां; महापौर हेमलता दिवाकर ने दिए तीन-चार दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश - September 21, 2026