यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से ही कड़ी कार्रवाई न करने को लेकर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेल रहे जर्मनी ने अब अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. जर्मनी की सरकार ने एलान किया है कि वो यूक्रेन को 50 एंटी-एयरक्राफ्ट टैंक भेजेगी.
जर्मनी ने ये निर्णय ऐसे समय में लिया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देश जर्मनी में स्थित एयरबेस पर मिले और यूक्रेन को अतिरिक्त हथियार देने का वादा किया.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार है जब जर्मनी की ओर से यूक्रेन को भारी हथियार भेजे जाएंगे.
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जर्मनी के फैसले का स्वागत किया है. जर्मनी के रक्षा मंत्री से बात करने के बाद ऑस्टिन ने कहा, “ये हथियार प्रणाली यूक्रेन को असल मायनों में क्षमता देगी.”
यूक्रेन के राजदूत सहित कई आलोचक ये दावा करते आ रहे हैं कि जर्मनी यूक्रेन को भारी हथियार नहीं दे रहा है. साथ ही वो रूस के ऊर्जा आयात पर भी बैन नहीं लगा रहा. आलोचकों का कहना है कि जर्मनी वो नेतृत्व नहीं दिखा रहा, जो एक महाशक्ति में होनी चाहिए.
हालांकि, रूस की तरफ़ से अभी तक इसको लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
-एजेंसियां
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