पंजाब के लुधियाना में दर्दनाक हादसा हुआ है। एक झोपड़ी में बुधवार तड़के लगी आग में एक ही परिवार के सात सदस्य जिंदा जल गए। मारे गए लोग प्रवासी मजदूर थे और हादसे के समय यहां टिब्बा रोड पर नगरपालिका के कचरा डंप यार्ड के पास स्थित अपनी झोपड़ी में सो रहे थे। मरने वालों में पति-पत्नी और उनके पांच बच्चे शामिल हैं। झोपड़ी में आग लगने की वजह का भी अभी पता नहीं चल पाया है।
लुधियाना के सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्व) सुरिंदर सिंह ने बताया कि मजदूर पति-पत्नी की चार बेटियां और दो बेटे थे। यह परिवार डंप यार्ड के पास झोपड़ी पर रहता था। मंगलवार की रात बड़ा बेटा कहीं और सोने चला गया था। झोपड़ी में दंपती और उनके पांच बच्चे ही सो रहे थे, उनमें से कोई जिंदा नहीं बचा।
तड़के गहरी नींद में था परिवार
जानकारी के मुताबिक आग सुबह करीब 3 बजे उस वक्त लगी जब परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में थे।मृतकों की पहचान सुरेश शनि (55), राणा देवी (50), राखी कुमारी (15), मनीषा कुमारी (10), चंदा कुमारी (8), गीता कुमारी (6) और सनी (2) के रूप में हुई है। हालांकि राजेश (17) ही सुरक्षित हैं।
उप अग्निशमन अधिकारी आतिश राय ने कहा कि आग लगने की सूचना पर सुंदर नगर स्टेशन की दमकल की गाड़ी ने काबू पा लिया लेकिन तब तक परिवार के सभी सदस्य जल कर मर चुके थे।
बेटे से जवाबों के सवाल तलाशेगी पुलिस
अधिकारी ने कहा कि आग कैसे लगी और परिवार के सदस्यों ने सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए बाहर निकलने की कोशिश क्यों नहीं की, इसका कोई पता नहीं है क्योंकि आमतौर पर झोंपड़ी सभी तरफ से खुली रहती हैं। हालांकि बेटे से पूछताछ भी की जाएगी।
-एजेंसियां
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