भारतीय रिज़र्व बैंक RBI ने शुक्रवार को रेपो दर में एक बार फिर से कोई बदलाव नहीं किया. रेपो दर चार प्रतिशत ही बरकरार रहेगी. इसका अर्थ है कि कर्ज़ चुकाने वालों की मासिक किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा.
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस दौरान माना की अर्थव्यवस्था के सामने नई और बड़ी चुनौतियां हैं. इसके साथ ही आरबीआई ने अनुमानित जीडीपी दर भी घटाकर 7.8 फ़ीसदी से 7.2 फ़ीसदी कर दी है.
इससे पहले महंगाई भी 4.5 फ़ीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान था लेकिन इसे बढ़ाकर अब वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 5.7 फ़ीसदी कर दिया गया है.
यह लगातार 11वीं बार है जब आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है. इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर भी 3.35 प्रतिशत रहेगी.
उन्होंने कहा कि दो साल बाद अब देश महामारी की स्थिति से निकल रहा था तो 24 फ़रवरी को यूरोप में छिड़े युद्ध और इसकी वजह से लगे प्रतिबंध और ज़मीन को लेकर बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल देखने को मिल रही है.
रेपो रेट वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक (भारत में आरबीआई) वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है.
-एजेंसियां
- आगरा में चलती कार बनी आग का गोला: झरना नाले के पास मची अफरा-तफरी, चालक ने कूदकर बचाई जान - September 30, 2026
- आगरा में श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव का ऐतिहासिक विस्तार: शमशाबाद तक जाएगी भव्य रामबारात, शिव वाटिका में सजेगा जनक दरबार - September 30, 2026
- राहुल गांधी की तुलना अजमल कसाब से करना पड़ा भारी: रिटायर्ड IAF अधिकारी अनूप वर्मा के खिलाफ कांग्रेस सेवा दल ने दर्ज कराई साइबर शिकायत - September 30, 2026