अयोध्या। उत्तर प्रदेश की पावन धर्मनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के अवसर पर रामपथ पर मानों पूरा त्रेतायुग जीवंत हो उठा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोक कलाकारों की थिरकन और चहुंओर गूंजते ‘जय श्रीराम’ के जयकारों के बीच जब सजे-धजे रथों पर आधारित झांकियां आगे बढ़ीं, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो देवलोक अयोध्या की धरती पर उतर आया हो। प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के दिव्य स्वरूपों के साथ-साथ गदा उठाए बजरंगबली के पराक्रम को दर्शाती झांकियों ने श्रद्धालुओं को पूरी तरह भावविभोर कर दिया।
शोभायात्रा में अपने कंधों पर ढोल रखकर ताल देती महिला कलाकारों और पारंपरिक नगाड़ों की थाप ने पूरे रामपथ को एक विराट सांस्कृतिक मंच में बदल दिया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी
साकेत महाविद्यालय के परिसर से उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भव्य शोभायात्रा को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लगभग तीन किलोमीटर का लंबा सफर तय कर यह शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इस वर्ष शोभायात्रा में कुल 21 भव्य झांकियां शामिल की गई थीं, जिनमें से 14 झांकियां योगी सरकार की विकासशील उपलब्धियों और 7 झांकियां रामायण के पवित्र सातों कांडों पर आधारित थीं।
बालकांड से लेकर रामजन्म, अयोध्याकांड में वनगमन, अरण्यकांड में वनवास, किष्किंधाकांड में सुग्रीव-हनुमान मिलन, सुंदरकांड में बजरंगबली का पराक्रम, लंकाकांड में युद्धाभ्यास और उत्तरकांड की कथा को जीवंत दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर दर्शक मुग्ध हो गए।
सरकारी योजनाओं और विकास यात्रा को भी मिला स्थान
शोभायात्रा के माध्यम से प्रदेश की प्रगति और लोक कल्याणकारी योजनाओं को भी खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया। इसमें जल जीवन मिशन, एक जिला एक उत्पाद (ODOP), कृषि एवं पशुपालन, आयुष्मान कैशलेस योजना, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की झांकियां शामिल रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के पारंपरिक लोकनृत्यों ने इसे सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम बना दिया।
”दीपोत्सव अब पूरे विश्व का पर्व बन चुका है” — जयवीर सिंह
शोभायात्रा की भव्यता और जनसैलाब को देखकर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या का यह दीपोत्सव बेहद अलौकिक, दिव्य और भव्य है। उन्होंने कहा, “सनातन प्रेमियों के लिए इससे बड़ा गौरव का पर्व और कोई नहीं हो सकता। हम हर वर्ष पिछले वर्ष का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हैं और इस बार भी नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे। दीपोत्सव अब केवल उत्तर प्रदेश का आयोजन नहीं, बल्कि पूरे विश्व का पर्व बन चुका है।”
श्रद्धालुओं ने सराही रामकथा की सजीव प्रस्तुतियां
शोभायात्रा के साक्षी बने उन्नाव से आए श्रद्धालु सुशील कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अयोध्या का जो स्वरूप निखर कर आया है, वह अद्भुत है। जौनपुर से आए राम कुमार और बलरामपुर की सुशीला ने भी रामायण के सजीव मंचन और कलाकारों की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।
रामपथ के दोनों किनारों पर खड़े दर्शक इस ऐतिहासिक यात्रा के हर पल को अपनी आंखों में कैद करने को आतुर दिखे। प्रभु श्रीराम के स्वरूपों के दर्शन कर कई श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं, जबकि पूरा वातावरण रामनाम की गूंज से सराबोर नजर आया।
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