आगरा में थाना मंटोला पुलिस ने बच्चों और महिलाओं संग मनाई दीपावली; मिठाई, खील-खिलौने व उपहार बांटकर बिखेरी मुस्कान

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​आगरा। दीपावली का पावन महापर्व केवल अपने घरों को रोशन करने का नाम नहीं है, बल्कि यह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का भी प्रतीक है। इसी मानवीय भावना को साकार करते हुए आगरा के थाना मंटोला पुलिस ने एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। थाना प्रभारी प्रभात कुमार दीक्षित के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र के गरीब बच्चों और जरूरतमंद महिलाओं के बीच पहुंचकर उनके साथ दीपावली का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया।

​इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बच्चों और महिलाओं को मिठाई, नमकीन, पारंपरिक खील-खिलौने और मोमबत्तियां वितरित कीं।

​जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर बांटी त्योहार की खुशियां

​दीपावली के अवसर पर खाकी वर्दीधारियों को अपने बीच उपहार और मिठाइयां लेकर पहुंचा देख जरूरतमंद परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। थाना मंटोला पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक त्योहार का आनंद पहुंचाना था, जो सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण दीपोत्सव को उस रूप में मनाने में असमर्थ रहते हैं।

थाना प्रभारी प्रभात कुमार दीक्षित और उनकी टीम ने केवल उपहार सामग्री का वितरण ही नहीं किया, बल्कि उन परिवारों के साथ बैठकर आत्मीयता से बातचीत की और त्योहार की खुशियां साझा कीं। पुलिस अधिकारियों के हाथों मिठाई और खिलौने पाकर बच्चों के चेहरों पर आई दीप्तिमान मुस्कान इस पूरे आयोजन का सबसे खूबसूरत दृश्य रही।

कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर पेश की मानवता की मिसाल

आमतौर पर पुलिस की छवि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और गश्त तक ही सीमित मानी जाती है। हालांकि, मंटोला पुलिस के इस कदम ने खाकी का एक संवेदनशील, जनमित्र और मानवीय चेहरा समाज के सामने रखा है। पुलिस टीम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज को सुरक्षा देने के साथ-साथ कमजोर व असहाय वर्गों के सुख-दुख में सहभागी बनना भी पुलिस महकमे के सामाजिक दायित्व का एक अनिवार्य हिस्सा है।

स्थानीय निवासियों ने की पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा

​मंटोला पुलिस के इस आत्मीय और कल्याणकारी कदम की पूरे आगरा क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय निवासियों व समाजसेवियों ने पुलिसकर्मियों के इस प्रयास को मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत बताया। लोगों का कहना है कि पर्व-त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब समाज का हर वर्ग बिना किसी भेदभाव के उसमें शामिल हो सके। मंटोला थाना पुलिस ने सेवा, सहयोग, सद्भाव और संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण पेश कर यह साबित कर दिया है कि एक छोटी सी आत्मीय पहल भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी ला सकती है।

Dr. Bhanu Pratap Singh