आगरा में डॉक्टर के क्लीनिक पर लूट का खुलासा, बिना नंबर प्लेट की थार के साथ मथुरा के पांच बदमाश गिरफ्तार

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आगरा। न्यू आगरा थाना क्षेत्र की शीतला धाम कॉलोनी में डॉक्टर के क्लीनिक पर हुई लूट की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। न्यू आगरा, सिकंदरा और सर्विलांस टीम की साझा कार्रवाई में पुलिस ने इस घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की थार गाड़ी, तमंचा, दो जिंदा कारतूस, आठ मोबाइल फोन और कान की बालियां बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने पहले क्लीनिक की रेकी की थी। मौका मिलते ही वे अंदर घुसे और डॉक्टर की सोने जैसी पीली धातु की चेन और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए थे।

सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से मिला सुराग

क्लीनिक पर लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साथ ही पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर अपने मुखबिरों को भी सक्रिय किया। इस दौरान आरोपियों के बारे में अहम जानकारी हाथ लगी। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग और मुखबिर की सूचना को जोड़कर पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज की। इसी क्रम में पुलिस टीम ने ग्राम बहादुरपुर तिराहे से पांचों आरोपियों को दबोच लिया।

बिना नंबर प्लेट की थार से पहुंचे थे बदमाश

पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने वारदात के लिए बिना नंबर प्लेट वाली थार गाड़ी का इस्तेमाल किया था। गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने यह वाहन भी बरामद कर लिया है। इस वाहन की बरामदगी को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान में से कौन-कौन सी चीजें पहले की घटनाओं से जुड़ी हैं और गिरोह इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दे चुका है।

तमंचा, दो कारतूस और आठ मोबाइल मिले

आरोपियों की तलाशी में पुलिस को तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा आठ मोबाइल फोन और कान की बालियां भी बरामद हुईं। बरामद सामान को लेकर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश में हैं कि ये मोबाइल और जेवरात किन घटनाओं से जुड़े हैं। इससे गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।

मथुरा के रहने वाले हैं सभी आरोपी

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए पांचों आरोपी मथुरा जिले के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन पुत्र ओवरन सिंह, ओमप्रकाश पुत्र सीताराम, सार्थक शर्मा पुत्र संजय शर्मा, रोहित पुत्र विजयपाल और आदित्य प्रताप सिंह पुत्र सुजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ-साथ नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

रेकी के बाद दिया था वारदात को अंजाम

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपियों ने क्लीनिक को अचानक निशाना नहीं बनाया था। वारदात से पहले क्लीनिक और आसपास के इलाके की रेकी की गई थी। इसके बाद मौका देखकर डॉक्टर से चेन और मोबाइल छीना गया और आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना ने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह की अन्य गतिविधियों और संभावित वारदातों की जानकारी जुटा रही है।

अन्य वारदातों से भी उठ सकता है पर्दा

पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में लूटपाट की दूसरी घटनाओं के बारे में भी अहम जानकारी मिलेगी। बरामद आठ मोबाइल, कान की बालियों और अन्य सामान का पुलिस सत्यापन करा रही है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी टटोली जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh