150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करेगी आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला: 25 सितंबर को मुकुट पूजन से होगा भव्य शुभारंभ; वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का हुआ विमोचन

PRESS RELEASE

आगरा। आगरा की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की पहचान श्रीरामलीला इस वर्ष अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। 149 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूर्ण कर श्रीरामलीला महोत्सव अब अपने 150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए श्रीरामलीला कमेटी द्वारा इस वर्ष महोत्सव को भव्य, आकर्षक और अविस्मरणीय स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

आगामी 150वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए गौरवशाली आयोजनों की विशेष रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस वर्ष आयोजित होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव में जहां सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण किया जाएगा, वहीं आधुनिक तकनीक और नवीन प्रयोगों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी श्रीराम के आदर्शों और रामलीला की परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

रविवार को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का विमोचन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि श्रीरामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी महान संस्कृति, परंपराओं और आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। 150वें वर्ष में प्रवेश कर रही इस ऐतिहासिक रामलीला को विशेष और भव्य स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। वृंदावन की मंडली के कलाकार पारंपरिक श्रीरामलीला का मंचन करेंगे, वहीं आधुनिक तकनीक के प्रयोग से प्रस्तुतियों को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी भी इस महान सांस्कृतिक धरोहर से भावनात्मक रूप से जुड़ सके।

महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ में 25 सितंबर से प्रारंभ होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव के दैनिक कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं मुकुट पूजन के साथ श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला प्रारंभ होगी।
26 सितंबर को मुकुट की सवारी निकाली जाएगी। 28 एवं 29 सितंबर को रावण की दुहाई की सवारियां निकाली जाएंगी।

30 सितंबर को मंचीय श्रीरामलीला का शुभारंभ होगा।

6 अक्टूबर को भव्य एवं ऐतिहासिक श्रीराम बारात निकाली जाएगी। 20 अक्टूबर को रावण वध की लीला का मंचन होगा तथा रावण के विशाल पुतले का दहन किया जाएगा।

इस अवसर पर आकर्षक एवं मनमोहक आतिशबाजी भी आयोजित की जाएगी। हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रीरामलीला के मंचीय आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने की जिम्मेदारी भगवान दास बंसल एवं विष्णु दयाल बंसल निभाएंगे। कमेटी द्वारा महोत्सव के प्रत्येक आयोजन को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

‘रामांजली’ में प्रकाशित हुआ श्रीराम वन गमन विशेषांक

‘रामांजली’ केवल वार्षिक पत्रिका नहीं, बल्कि श्रीराम और रामायण संस्कृति से जुड़े ज्ञान एवं शोध का महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती जा रही है। गत वर्षों में पत्रिका में आगरा के श्रीराम मंदिरों तथा 21 रामायणों पर विशेषांक प्रकाशित किए जा चुके हैं।

इस वर्ष ‘रामांजली’ का विशेष आकर्षण ‘श्रीराम वन गमन विशेषांक’ है। इसमें भगवान श्रीराम के वन गमन के दौरान आने वाले प्रमुख तीर्थ स्थलों और उनसे जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को विशेष रूप से प्रकाशित किया गया है।

इस विशेषांक का संपादन एवं लेखन आदर्श नंदन गुप्ता ने किया है। विशेषांक के माध्यम से पाठकों को श्रीराम के वनवास से जुड़े विभिन्न पवित्र स्थलों और उनकी ऐतिहासिक-धार्मिक महत्ता की विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी।

राम बारात की झांकियों में होगा एआई तकनीक का अभिनव प्रयोग

150वें स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ रही श्रीरामलीला में इस बार अनेक नए और अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। विशेष रूप से श्रीराम बारात की झांकियों के डिजाइन तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

इस प्रयोग का उद्देश्य झांकियों में नवीनता और आकर्षण लाना है। हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रीराम बारात में सौ से अधिक झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ समाज को जागरूक करने वाले संदेश भी दिए जाएंगे। नेत्रदान, रक्तदान और अन्य सामाजिक सरोकारों पर आधारित झांकियां भी श्रीराम बारात का प्रमुख आकर्षण होंगी।

प्राचीन स्वरूप की झलक भी होगी राम बारात में

आधुनिक तकनीक के साथ-साथ इस बार श्रीराम बारात में आगरा की पुरानी और ऐतिहासिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने का भी प्रयास किया जाएगा।

कमेटी की योजना है कि यदि पुराने समय में उपयोग होने वाले हंडों की व्यवस्था हो जाती है, तो उनकी पारंपरिक रोशनी में बैलगाड़ी पर झांकी निकाली जाएगी। इससे श्रीराम बारात में प्राचीन काल की मनोहारी और ऐतिहासिक झलक देखने को मिलेगी तथा श्रद्धालुओं को बीते समय की राम बारात की परंपरा का अनुभव होगा।

युवा पीढ़ी को श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास

श्रीरामलीला कमेटी का उद्देश्य केवल भव्य आयोजन करना ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और भारतीय संस्कृति से जोड़ना भी है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष पारंपरिक मंचन के साथ आधुनिक प्रस्तुति और तकनीक का समावेश किया जा रहा है।

ये रहे उपस्थित

‘रामांजली’ के विमोचन समारोह में उपाध्यक्ष विजय कुमार गोयल, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, संजय तिवारी, अजय गर्ग, राहुल गौतम, विनोद जौहरी, विष्णु दयाल बंसल, शैलेंद्र अग्रवाल, राकेश जैन, आयुष अग्रवाल, सौरभ गौतम, राहुल शर्मा, नितिन अग्रवाल, ऋषि गोयल, निक्की जौहरी आदि उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh