नेपाल बाढ़ संकट पर विदेश मंत्रालय की बड़ी अपडेट: 320 भारतीय नागरिक अभी भी लापता, चीन की सीमा पर फंसे हैं 400 लोग, तमिलनाडु के 21 नागरिक सुरक्षित दिल्ली पहुंचे

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​नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हाल ही में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस प्राकृतिक त्रासदी के बीच कम से कम 320 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग 400 अन्य भारतीय नागरिक चीन की सीमा की तरफ फंसे हुए हैं। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में यह बड़ी जानकारी साझा की गई। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार पड़ोसी देश नेपाल के प्रशासन को हरसंभव राहत और बचाव कार्यों में पूरी मदद देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चीन की तरफ फंसे हुए भारतीय नागरिकों में से 96 लोग सुरक्षित रूप से सड़क मार्ग के जरिए नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकलकर एक दिन पहले काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक शुक्रवार दोपहर को विशेष उड़ानों से नई दिल्ली पहुंच गए।

तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले इन सभी नागरिकों का राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने खुद पहुंचकर गर्मजोशी से स्वागत किया। नेपाल के स्थानीय अधिकारियों द्वारा साझा किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस बुधवार को अचानक आई भयंकर बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर अब 538 तक पहुंच गई है।

लापता लोगों के संबंध में बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘जहां तक उन भारतीय नागरिकों की सटीक संख्या का सवाल है, जिनसे फिलहाल हमारा कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है या जो लापता हैं, वह संख्या इस वक्त 320 है।’’ इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय मूल के लगभग 100 ऐसे लोग भी हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ये सभी भारतीय मूल के वे लोग हैं जो संभवतः पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए हुए थे, लेकिन उनके पास अन्य देशों की नागरिकता है।

चीनी सीमा पर फंसे भारतीयों के बारे में जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि करीब 400 भारतीय नागरिक इस समय चीन की तरफ फंसे हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि वे सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे लगातार अपने परिवारों के संपर्क में बने हुए हैं। हमारे भारतीय दूतावास ने भी उनमें से कई लोगों से सीधे संपर्क स्थापित कर लिया है।

इसके अलावा, उनके परिवार के कई सदस्यों ने भी बीजिंग स्थित हमारे दूतावास द्वारा संचालित विशेष हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से हमसे संपर्क साधा है।’’

​रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, ‘‘हमारा दूतावास चीन के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और इस बात पर गंभीरता से काम कर रहा है कि वहां फंसे इन सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर किस तरह निकाला जाए।’’ इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने देश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और नेपाल के मौजूदा हालात की गहन समीक्षा की।

इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लापता हुए भारतीय नागरिकों की सही स्थिति का पता लगाने और उनकी त्वरित तलाश पर विशेष जोर दिया गया। काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, ‘‘नेपाल में जारी राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा पर चर्चा की। काठमांडू और बीजिंग स्थित हमारे दूतावासों ने भारतीय नागरिकों की वर्तमान स्थिति और उनके सुरक्षित होने के संबंध में अद्यतन जानकारी साझा की है।’’

Dr. Bhanu Pratap Singh