आगरा के संजय प्लेस स्थित फ्रेंड्स टावर में बड़ा हादसा टला: बेसमेंट के फ्लेक्स गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान राख

स्थानीय समाचार

आगरा शहर के प्रमुख और व्यस्त व्यावसायिक केंद्र संजय प्लेस में शनिवार की सुबह एक बार फिर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यहाँ स्थित फ्रेंड्स टावर के बेसमेंट में चल रहे एक फ्लेक्स के गोदाम में अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि गोदाम के अंदर रखा लाखों रुपये मूल्य का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। गोदाम से आसमान की तरफ उठती आग की ऊंची लपटों और काले धुएं के गुबार को देखकर आसपास के दुकानदारों, कार्यालयों में बैठे लोगों और कर्मचारियों में भारी अफरा-तफरी मच गई।

यह घटना शनिवार सुबह करीब पौने सात बजे की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संजय प्लेस फायर स्टेशन से दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं और कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत मोर्चा संभाला और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। हालांकि, गोदाम के अंदर रखा सामान अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग बहुत तेजी से फैल रही थी, जिससे आग पर पूरी तरह काबू पाना दमकल कर्मियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था।

​प्लास्टिक दाने से बने फ्लेक्स ने बढ़ाई आग की रफ्तार

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में फ्लेक्स और उससे जुड़ी छपाई की सामग्री डंप करके रखी हुई थी। इन फ्लेक्स और सामग्रियों में प्लास्टिक के दानों का प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाने के कारण आग ने बेहद कम समय में एक भयानक रूप ले लिया। आग की भयंकर लपटों और काले धुएं को देखकर आसपास के अन्य गोदामों और कमर्शियल दुकानों में मौजूद लोगों के बीच गहरी दहशत फैल गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दमकल कर्मियों ने एक सटीक रणनीति बनाई और आग को आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकने के लिए विशेष प्रयास किए।

लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और संघर्ष के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। गनीमत यह रही कि समय रहते आग को आसपास की अन्य दुकानों और गोदामों तक पहुंचने से रोक लिया गया, वरना एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।

​शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

प्राथमिक तौर पर इस भीषण अग्निकांड के पीछे शॉर्ट सर्किट को ही मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक और पुख्ता कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। घटना के समय बेसमेंट के उस गोदाम के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद था या नहीं, इस बात की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस बीच, घटना के तुरंत बाद बिजली की मुख्य सप्लाई काटने में कथित तौर पर हुई देरी को लेकर भी स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कड़ा आरोप है कि यदि विद्युत विभाग या संबंधित लोगों द्वारा समय रहते बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती, तो आग के फैलाव को और अधिक तेजी से नियंत्रित किया जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

संजय प्लेस में लगातार सामने आ रही आग की घटनाएं

गौरतलब है कि संजय प्लेस आगरा शहर का एक बेहद प्रमुख और घना व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ हर रोज हजारों की संख्या में लोग आते हैं और यहाँ बड़ी संख्या में दुकानें, बड़े कार्यालय, स्टोरेज गोदाम तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान इस इलाके में आग लगने की कई छिटपुट घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में शनिवार की सुबह हुई इस ताजा घटना ने यहाँ की मौजूदा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (फायर सेफ्टी) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​क्षेत्र के तमाम व्यापारियों का कहना है कि संजय प्लेस जैसे घने व्यावसायिक क्षेत्र में आग जैसी दुर्घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम और नियमित सुरक्षा जांच का होना बेहद अनिवार्य है। खासकर बेसमेंट में धड़ल्ले से संचालित हो रहे गोदामों और ज्वलनशील सामग्री का भंडारण करने वाले प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की पुरजोर मांग उठ रही है। फिलहाल इस आग से हुए कुल वित्तीय नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और दमकल विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस दुर्घटना के हर पहलू और सुरक्षा मानकों की गहराई से जांच कर रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh