आगरा में ज्वैलर्स ठगी का सनसनीखेज खुलासा: पुराने आभूषण खरीदने के बहाने सोने के कंगन लेकर भागे तीन शातिर गिरफ्तार

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आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में पुराने आभूषण खरीदने का लालच देकर एक ज्वैलर्स के साथ बड़ी ठगी करने वाले शातिर बदमाशों को पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर धर दबोचा। शातिरों ने बेहद शातिर तरीके से पहले ज्वैलर्स को अपने भरोसे में लिया और फिर आभूषणों की शुद्धता जांचने का बहाना बनाकर सोने के कीमती जेवर लेकर चंपत हो गए। हालांकि, पीड़ित ज्वैलर की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार सोने के कंगन और तीन मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।

परिचित के जरिए पहुंचे थे आरोपी

यह पूरी घटना 19 अगस्त की शाम को ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला कली निवासी सुनील कुमार के साथ हुई। सुनील कुमार की विकास नगर इलाके में ‘वीएसआर ज्वैलर्स’ के नाम से दुकान है। घटना वाले दिन सुनील के एक परिचित संजय वर्मा ने उन्हें फोन कर बताया कि उसके कुछ जानकार पुराने आभूषण खरीदने का काम करते हैं। संजय की बातों पर भरोसा करते हुए सुनील उसके साथ विकास नगर शाहदरा स्थित इमरान उर्फ रहीम के कार्यालय पहुंच गए। वहां इमरान के अलावा ननूआ उर्फ लियाकत नाम का एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।

​सोने की चूड़ी और ब्रेसलेट पर थी नजर

कार्यालय पहुंचने के बाद सुनील ने अपने पास मौजूद पुराने आभूषण आरोपियों को दिखाए। बातचीत के दौरान आरोपियों ने बड़ी चालाकी से सोने की चूड़ी की एक जोड़ी और एक ब्रेसलेट पसंद कर लिया। जब जेवर पसंद आने के बाद सुनील ने उसकी कीमत के पैसों का भुगतान करने की मांग की, तो आरोपियों ने अपनी ठगी की चाल चलना शुरू कर दिया। उन्होंने नाटक करते हुए कहा कि वे इन आभूषणों की गुणवत्ता किसी अन्य प्रतिष्ठित सुनार से चेक कराएंगे। इसी बहाने ननूआ उर्फ लियाकत उन सोने के जेवर को लेकर कार्यालय से बाहर निकल गया।

चकमा देकर हो गए रफूचक्कर

​ननूआ के जाने के बाद ज्वैलर्स सुनील काफी देर तक उसके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद सुनील के साथ कार्यालय पहुंचे संजय वर्मा और इमरान उर्फ रहीम भी किसी बहाने वहां से खिसक गए। जब तीनों काफी देर तक वापस नहीं लौटे और उनका संपर्क कट गया, तो सुनील को पूरा माजरा समझ में आ गया। उन्हें अहसास हो गया कि पुराने आभूषण खरीदने के नाम पर उन्हें एक सुनियोजित ठगी का शिकार बनाया गया है।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

​घटना से आहत सुनील ने अगले दिन यानी 20 अगस्त को ट्रांस यमुना थाने पहुंचकर पूरी आपबीती बताई और पुलिस को लिखित तहरीर दी। तहरीर मिलते ही पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए जाल बिछिया। पुलिस टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

​21 अगस्त को पुलिस को मुखबिर के जरिए अहम सुराग मिला कि घटना में शामिल तीनों आरोपी झरना नाला के पास छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही ट्रांस यमुना थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार ने पुलिस टीम के साथ तुरंत घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ननूआ उर्फ लियाकत, इमरान उर्फ रहीम और संजय वर्मा के रूप में हुई है।

​पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ननूआ उर्फ लियाकत का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ आगरा और अलीगढ़ के विभिन्न थानों में पहले से ही कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इसी तरीके से शहर के अन्य ज्वैलर्स या व्यापारियों को भी निशाना बनाया है या नहीं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस वारदात के पीछे कोई और मास्टरमाइंड तो शामिल नहीं था।

​इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक विपुल कुमार, अविषेक कुमार, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार तथा कांस्टेबल अनुज कुमार और कपिल कुमार शामिल रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh