उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। लखनऊ के रहीमाबाद इलाके के खड़ौहा गांव से प्रकाश में आए इस मामले ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि संपत्ति और जमीन को अपने अवैध कब्जे में लेने की नीयत से एक कलयुगी बेटे ने अपने ही मृत पिता के शव का इस्तेमाल किया। मृत पड़े पिता के हाथ का अंगूठा सादे कागज पर लगवाने का यह कुकृत्य जब कैमरे में कैद हुआ और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खड़ौहा गांव के रहने वाले 75 वर्षीय छत्रपाल का निधन हो चुका था। आरोप है कि उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों से ठीक पहले, उनके बेटे महेंद्र ने अपने एक चचेरे भाई के साथ मिलकर घिनौनी साजिश रची। उसने मृत पिता के हाथ का अंगूठा जबरन सादे कागजों पर लगवा लिया। जब ग्रामीणों ने इस अमानवीय कृत्य को अपनी आंखों से देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर मौजूद कुछ समझदार लोगों ने इस पूरी शर्मनाक घटना को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।
पारिवारिक कलह और संपत्ति का विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों के बयानों से यह खुलासा हुआ है कि मृतक 75 वर्षीय छत्रपाल और उनकी पत्नी का अपने बेटे महेंद्र और बहू लक्ष्मी के साथ लंबे अरसे से विवाद चल रहा था। आरोप है कि यह दम्पति अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ आए दिन मारपीट और मानसिक प्रताड़ना किया करता था। स्थिति तब और बिगड़ गई जब साल 2023 में आरोपी बेटे ने बुजुर्ग माता-पिता को उनके ही घर से बाहर निकाल दिया था।
इसके विपरीत, अपनी बेटियों द्वारा की जा रही सेवा और देखभाल से छत्रपाल बेहद संतुष्ट थे। उन्होंने अपनी कुल साढ़े छह बीघा जमीन में से अपनी तीनों बेटियों के नाम एक-एक बीघा जमीन करने का सख्त फैसला लिया था। इस पारिवारिक मनमुटाव और प्रताड़ना के चलते उन्होंने अपने बेटे और बहू को अपनी संपत्ति से पहले ही बेदखल कर दिया था।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और साजिश
घटनाक्रम के मुताबिक, गत 7 जुलाई को छत्रपाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसी का फायदा उठाते हुए बेटा महेंद्र उन्हें बेहतर इलाज कराने के बहाने अपने साथ अपने घर ले गया। हालांकि, इसके महज दो दिन बाद यानी 9 जुलाई को छत्रपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में रहस्यमयी मौत हो गई। आरोप है कि पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार करने से पहले महेंद्र ने अपने चचेरे भाई की सहयता से फर्जी दस्तावेज और वसीयत तैयार करने की नापाक साजिश रची। इसी साजिश के तहत उसने मृतक पिता के शव के पास जाकर सादे कागजों पर उनके अंगूठे के निशान लगवाए।
पुलिस एक्शन और जांच का दायरा
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थानीय नागरिकों ने इस अमानवीय घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रहीमाबाद थाना पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि मृतक के अंगूठे के इन निशानों का इस्तेमाल किन दस्तावेजों या फर्जी कागजों को तैयार करने में किया जाना था। इसके साथ ही पैतृक संपत्ति विवाद से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम में इसकी क्या भूमिका है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही इन गंभीर आरोपों की सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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