उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दो दोस्तों की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों को एक मंदिर के भीतर जमीन में दफनाने का भयानक राज खुला है। इस पूरे हत्याकांड में एक पुजारी पर दो युवकों की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि ये दोनों मृतक युवा बीते 25 जुलाई से लगातार लापता बताए जा रहे थे। इस मामले में मुख्य आरोपी पुजारी फिलहाल मौके से फरार चल रहा है, जबकि पुलिस ने उसके दो शिष्यों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
गुमशुदगी से शुरू हुई थी तलाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना चांदीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंगोली तगा गांव की है। इसी गांव के निवासी इसरार (पुत्र रिड़कू) और गांव का ही एक दिव्यांग युवक अंकित (पुत्र मुकेश) बीते 25 जुलाई को अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर घूमने के लिए घर से निकले थे। जब काफी देर शाम तक दोनों अपने घर वापस नहीं लौटे, तो चिंतित परिजनों ने उनकी अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद हार मानकर 29 जुलाई को परिजनों ने थाना चांदीनगर में 32 वर्षीय इसरार और 25 वर्षीय अंकित की गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई।
मंदिर के प्रांगण से बरामद हुए शव
दोनों लापता युवकों की तलाश में जुटी पुलिस को आखिरकार एक मुखबिर के जरिए लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के पुजारी नरेश नाथ के बारे में कुछ अहम जानकारियां हाथ लगीं। जब पुलिस ने इस मामले में पुजारी से पूछताछ करने के लिए दबिश दी, तो वह फरार मिला। इसके बाद पुख्ता शक के आधार पर पुलिस ने मंदिर के दो शिष्यों को हिरासत में ले लिया और उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरू की। इसी पूछताछ के आधार पर 13 अगस्त की रात को जब मंदिर परिसर की खुदाई की गई, तो वहां बने एक गड्ढे से इसरार और अंकित के दबे हुए शव बरामद कर लिए गए।
युवकों के शव बरामद होने की दुखद खबर जैसे ही उनके परिजनों को मिली, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिवारों में मातम पसर गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में थाना चांदीनगर के प्रभारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि लापता दोनों युवकों के शवों को बरामद कर लिया गया है। मुख्य आरोपी पुजारी अभी फरार है, लेकिन उसके दो शिष्यों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी जांच की जा रही है।
क्या था हत्या का असली कारण?
शुरुआती जांच-पड़ताल और पुलिस के खुलासे के अनुसार, अंकित और इसरार की इस निर्मम हत्या के पीछे की मुख्य वजह एक प्रेम-प्रसंग सामने आ रहा है। शुरुआती तफ्तीश में यह पता चला है कि अंकित की बहन का कथित तौर पर उस पुजारी के साथ अफेयर (प्रेम प्रसंग) चल रहा था। इसी बात से नाराज होकर अंकित अपने दोस्त इसरार को साथ लेकर 25 जुलाई को उस पुजारी को समझाने और चेतावनी देने के लिए मंदिर गया था।
कहा जा रहा है कि इस दौरान बातचीत के दौरान विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि गुस्से में आकर पुजारी ने दोनों युवकों की हत्या कर डाली। इसके बाद उसने अपने शिष्यों की मदद से दोनों के शवों को मंदिर के पिछले हिस्से में गड्ढा खोदकर दफना दिया और साक्ष्यों को छिपाने के लिए उस पर सीमेंट की ईंटें व टाइल्स लगवा दी थीं। पुलिस अब इस पूरे मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
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