संसद परिसर में राहुल गांधी का मीडिया पर बड़ा सवाल: “जब अमित शाह बोलते हैं तो क्या आप उन्हें टोकते हैं, उनमें ऐसा क्या खास है?”

POLITICS

नई दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहाँ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने मीडिया की कार्यशैली और केंद्र सरकार, खासकर गृह मंत्री अमित शाह पर तीखे सवाल उठाए। राहुल गांधी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए सवाल किया कि जब अमित शाह बोलते हैं, तो क्या मीडिया उन्हें बीच में टोकता है?

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आखिरकार अमित शाह में ऐसा क्या खास है कि पूरा मीडिया उनकी बात सुनते वक्त एकदम चुप होकर खड़ा हो जाता है? राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब देश के आम छात्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह से बिल्कुल नहीं डर रहे हैं, तो फिर मीडिया को भी सरकार से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।

“संसद आने की हिम्मत नहीं, 20 दिनों से हैं गायब”

केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह में सदन के भीतर आने की हिम्मत ही नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह पिछले 20 दिनों से सदन से गायब चल रहे हैं। वे अपने दफ्तर या चैंबर में तो बैठे रहते हैं, लेकिन लोकसभा में आने से कतराते हैं। राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके काफिले में करीब 30-30 गाड़ियां चलती हैं और उनके घर के बाहर सुरक्षा के नाम पर हजारों पुलिसकर्मी इस बात का पहरा देते हैं कि कहीं कोई आम बच्चा या नागरिक वहां तक न पहुँच सके।

​उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि अब अमित शाह की कथित मजबूत छवि (इमेज) का गुब्बारा पूरी तरह फट चुका है और उसकी सारी हवा निकल चुकी है। अब तो बस जबरन उस फटे हुए गुब्बारे में दोबारा हवा भरने की कोशिशें की जा रही हैं।

झारखंड के घटनाक्रम पर खुलकर बोले राहुल गांधी

​संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने झारखंड के हालिया राजनीतिक और सामाजिक हालातों पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड में जो कुछ भी घटित हो रहा है, वे उस अतिसंवेदनशील मुद्दे पर बिल्कुल चुप नहीं बैठने वाले हैं, बल्कि इस पर खुलकर और स्पष्ट रूप से अपनी बात रख रहे हैं।

​उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए दोहराया कि उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि वे और उनकी पार्टी देश के युवाओं और छात्रों के खिलाफ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा या अन्याय को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

Dr. Bhanu Pratap Singh