आगरा। सावन की पावन फुहारों के बीच रविवार की शाम आगरा नगरी पूरी तरह शिवमय हो उठी। डमरू की गूंज, शंखनाद, रुद्रपाठ, हर-हर महादेव के जयघोष और भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबे भजनों ने सूरसदन प्रेक्षागृह को मानो कैलाश धाम में परिवर्तित कर दिया। मंच पर विराजित बाबा मनःकामेश्वर नाथ के दिव्य स्वरूप और मध्य में स्थापित आदियोगी की विराट प्रतिमा के सानिध्य में सजे भव्य आध्यात्मिक आयोजन ‘कैलाश’ में श्रद्धालु देर तक शिव आराधना में लीन रहे।
लॉयंस क्लब कॉनराय, लॉयंस क्लब प्रयास एवं ऐरिश एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित इस अनूठी शिवमय संध्या का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी, जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, लॉयंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रथम अजय भार्गव, लॉयंस क्लब प्रयास के संस्थापक अध्यक्ष संजीव मित्तल, अशु मित्तल, अल्पना भार्गव, तरुण अग्रवाल, राजीव बंसल, ऐरिश एंटरटेनमेंट के निदेशक पुनीत अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके पश्चात डमरू और शंखनाद की मंगल ध्वनि के साथ वातावरण में शिवत्व का संचार हुआ। श्री मनःकामेश्वर मंदिर के तिलकायत श्री महंत योगेश पुरी ने वैदिक विधि-विधान से रुद्रपाठ किया। मंत्रों की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच बाबा मनःकामेश्वर नाथ की प्रसिद्ध आरती हुई। जैसे ही आरती की दिव्य ज्योति से पूरा सभागार आलोकित हुआ, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण अलौकिक आनंद में डूब गया। पुनीत अग्रवाल और इशिता अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
हजारों वर्ष पुराना है बाबा मनःकामेश्वर मंदिर का इतिहास
श्री महंत योगेश पुरी ने बाबा मनःकामेश्वर नाथ मंदिर की प्राचीन महिमा और इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंदिर हजारों वर्षों से सनातन आस्था का केंद्र रहा है। उन्होंने द्वापर युग की पौराणिक कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जब भगवान नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया, तब अपने आराध्य के दर्शन के लिए भगवान भोलेनाथ कैलाश से पधारे थे। किंतु उस समय यशोदा मैया ने बालक श्रीकृष्ण को किसी अपरिचित साधु के दर्शन कराने से मना कर दिया।
उन्होंने बताया कि इसी प्रसंग से जुड़ी मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने आगरा की पावन धरती पर अपने लिंग स्वरूप की स्थापना की, जो आज श्री मनःकामेश्वर नाथ के रूप में भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले देवाधिदेव महादेव के रूप में पूजित हैं। जब गोकुल में बाल स्वरूप श्रीकृष्ण ने अपने आराध्य भगवान शिव के दर्शन की इच्छा व्यक्त की, तब महादेव ने उन्हें दर्शन दिए। उन्होंने कहा कि बाबा मनःकामेश्वर की महिमा अनंत है और सावन मास में यहां की जाने वाली शिव आराधना का विशेष महत्व है।
रुद्राष्टक से शुरू हुई भक्ति की सुरमयी यात्रा
कार्यक्रम के सांस्कृतिक चरण में उज्जैन से पधारे लोकप्रिय भजन गायक गजेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी ओजपूर्ण और भावपूर्ण प्रस्तुति से वातावरण को शिवमय कर दिया। उन्होंने भगवान भोलेनाथ की स्तुति रुद्राष्टक से अपनी प्रस्तुति का शुभारंभ किया। उनकी आवाज में गूंजे शिव स्तवन ने श्रोताओं को भक्ति के गहरे रस में डुबो दिया।
इसके बाद ‘अनाहत नाथ बजाओ रे’, ‘शिव कैलाशों के वासी’, सांसो की माला पर सिमरू मैं शिव का नाम सहित शिव भजनों की ऐसी श्रृंखला चली कि पूरा सभागार हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। कहीं श्रद्धालु हाथ उठाकर भोलेनाथ की आराधना करते दिखाई दिए तो कहीं भक्ति में झूमते नजर आए। गजेंद्र प्रताप सिंह की प्रस्तुति ने सावन की इस आध्यात्मिक संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।
आदियोगी के विराट स्वरूप ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
मंच के मध्य स्थापित आदियोगी की विराट प्रतिमा, बाबा मनःकामेश्वर नाथ का दिव्य स्वरूप, डमरू-शंखनाद, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत ने पूरे आयोजन को एक भव्य आध्यात्मिक अनुभव में बदल दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कैलाश की दिव्यता आगरा की धरती पर उतर आई हो। आयोजन में शिव की महिमा, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर राधा रमण दिगंबर, गीतिका अग्रवाल, तनुजा मांगलिक, विनीत खेड़ा, पुनीत अग्रवाल, अनुज खंडेलवाल, मनीष अग्रवाल, आशीष गर्ग, संजय गुप्ता, निकिता खंडेलवाल, अंकुश बंसल, निक्की बंसल, सौम्या गुप्ता, पूनम अग्रवाल, रूपाली घर, इशिता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
-up18 News
- आगरा के एत्मादपुर में भीषण सड़क हादसा: खंदौली रोड पर आलू लदे अनियंत्रित ट्रक ने दो बाइकों को रौंदा, पति-पत्नी की मौत, बेटा और अन्य लोग गंभीर रूप से घायल - August 9, 2026
- आगरा में चारों महादेव की परिक्रमा कर रहे भक्तों की सेवा में जुटा भारत विकास परिषद् ‘अमृतम्’, पुलिस लाइन रोड पर हुआ प्रसाद वितरण - August 9, 2026
- आगरा में साकार हुआ कैलाश: डमरू की थाप, रुद्रपाठ और मनःकामेश्वर की महाआरती से गूंजा सूरसदन प्रेक्षागृह - August 9, 2026