​’Gen-Z और जेन अल्फा को आरएसएस प्रमुख से किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं’: प्रियंका गांधी वाड्रा का मोहन भागवत के बयान पर पलटवार

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा मुंबई में ‘जेन-जी’ (Gen-Z) और ‘जेन-अल्फा’ (Gen Alpha) के युवाओं के साथ हाल ही में किए गए संवाद के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को इस मामले में आरएसएस प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के युवाओं को उनसे किसी भी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।

किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र की कोई जरूरत नहीं: प्रियंका 

संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी से किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र की कोई जरूरत नहीं है। उनकी यह टिप्पणी ठीक उस दिन सामने आई जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई के नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (एनएमएसीसी) में आयोजित एक सत्र के दौरान जेन-जेड और जेन-अल्फा के युवाओं के साथ लंबी बातचीत की थी।

भाजपा सरकार को जेनरेशन जेड से सीधी चुनौती मिल रही: राम गोपाल यादव

​समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की जेनरेशन जी और जेनरेशन अल्फा के साथ हुई इस बातचीत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी जब भी खुद को ‘पूरी तरह से घिरी हुई पाती है’, तब वह आरएसएस की ओर रुख करती है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए यादव ने सवाल उठाया कि चूंकि भाजपा सरकार को जेनरेशन जेड से सीधी चुनौती मिल रही है, तो क्या उन्हें इस स्थिति को संभालने के लिए मोहन भागवत को आगे करना चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे खुद को पूरी तरह से घिरा हुआ पाते हैं, तो वे उनकी ओर रुख करते हैं, उनसे समाधान खोजने या अपनी तरफ से बोलने के लिए कहते हैं।

पुलिसिया कार्रवाई पर पूरी जवाबदेही तय होनी चाहिए: के.सी. वेणुगोपाल

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने भी इस पूरे मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि मोहन भागवत वास्तव में देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो उन्हें हालिया छात्र आंदोलन के दौरान घटी घटनाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई पर पूरी जवाबदेही तय होनी चाहिए और इस विषय पर सरकार को देश के सामने जवाब देना चाहिए।

मोहन भागवत ने जिस Gen Z से बातचीत की, वे ज़रूर उनके सामाजिक या राजनीतिक संगठन के रहे होंगे सदस्य: ​चंद्रशेखर आज़ाद

​आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की Gen Z और Gen Alpha के युवाओं के साथ हुई बातचीत पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की भाषा एक-दूसरे से अलग-अलग है। कुछ दिन पहले ही आरएसएस के एक पदाधिकारी कह रहे थे कि वे प्रदर्शनकारी छात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी तत्व थे, जबकि भाजपा के कई अन्य नेताओं ने भी लगातार प्रदर्शनकारियों की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए थे।

​चंद्रशेखर आजाद ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि मोहन भागवत ने जिन Gen Z के युवाओं से बातचीत की है, वे जरूर उनके किसी न किसी सामाजिक या राजनीतिक संगठन के सदस्य रहे होंगे। उन्होंने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि कड़वी सच्चाई यह है कि आज देश का आम युवा सरकार से गहराई से नाराज चल रहा है और इस व्यापक असंतोष की सबसे बड़ी वजह देश में फैली विकराल बेरोजगारी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh