विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन बना गले की फांस? राम गोपाल यादव ने विरोध को बताया ‘अनुचित’, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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​नई दिल्ली। संसद परिसर में हुए विपक्षी दलों के अनोखे विरोध प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने अपने ही विपक्षी सहयोगियों के इस विरोध प्रदर्शन के तरीके को ‘गलत’ करार दिया है। राम गोपाल यादव ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ी कथित चढ़ावा चोरी की घटना में संतों का कोई लेना-देना नहीं है, और इस प्रकार का कृत्य अनुचित था। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षियों को निशाना बनाकर उन पर एफआईआर दर्ज करवा रही है।

भाजपा का पलटवार: विशेषाधिकार हनन का नोटिस

इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ संसद में ‘विशेषाधिकार हनन’ का नोटिस दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में घमासान और तेज हो गया है। राम गोपाल यादव ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का पूरा ध्यान केवल नैरेटिव सेट करने और अपनी विफलता का दोष दूसरों पर मढ़ने पर है।

​उन्होंने कहा, “सरकार ने सनातन धर्म का अपमान करने के झूठे आरोपों में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद समेत कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं।”

​संसद परिसर में हुआ था अनोखा प्रदर्शन

गौरतलब है कि बीते 31 जुलाई को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की कथित घटना को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर के अंदर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वेशभूषा धारण करके संसद में बैठे थे और उनके सामने एक ‘दान पात्र’ रखा था। इस दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने उस दान पात्र में पैसे डाले, जिसे पप्पू यादव अपनी जेब में रख रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद से ही यह मुद्दा संसद और बाहर की राजनीति में गरमाया हुआ है।

Dr. Bhanu Pratap Singh