आगरा में बीसी विवाद का खौफनाक अंत: मैकेनिक दिनेश शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी पिता और दो बेटे गिरफ्तार

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आगरा: ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के भगवती बाग में बीसी के पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद खराद मैकेनिक दिनेश शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी उदय अग्रवाल उर्फ पुल्ली और उसके दोनों बेटों लखन व आकाश को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को सोमवार को टेढ़ी बगिया बस स्टैंड के निकट से दबोचा गया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

क्या था मामला और आरोप?

मृतक के बेटे शिवम शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, बीसी के पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि उदय अग्रवाल ने दिनेश शर्मा को हिसाब-किताब के बहाने अपने घर बुलाया था। परिजनों का दावा है कि घर पहुँचते ही उदय अग्रवाल और उसके बेटों ने दिनेश शर्मा के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें गंभीर हालत में गली में फेंक दिया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

परिजनों का आक्रोश और 15 घंटे का हंगामा

दिनेश शर्मा की मृत्यु के बाद स्थानीय लोगों और परिवार में भारी रोष व्याप्त हो गया था। आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। लगभग 15 घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद, उच्चाधिकारियों के आश्वासन और मामले में अन्य नाम शामिल करने के ठोस भरोसे के बाद ही परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ था।

​पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पुलिस उपायुक्त (DCP) सिटी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। वर्तमान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का प्राथमिक कारण ‘हृदयाघात’ (Heart Attack) बताया गया है। हालांकि, परिजनों के द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों को देखते हुए पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ घटनास्थल के साक्ष्य और चश्मदीदों के बयानों को आधार बनाकर मामले की गहन वैज्ञानिक जांच की जा रही है।

​आरोपी का आपराधिक इतिहास

जांच में मुख्य आरोपी उदय अग्रवाल उर्फ पुल्ली के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी खुलासा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसके खिलाफ पूर्व में भी हत्या का एक मुकदमा दर्ज रह चुका है। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक इतिहास की फाइल खंगाल रही है ताकि मामले की परतें पूरी तरह खुल सकें। जांच पूरी होने और विधिक राय प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh