आगरा में पहली बार रथयात्रा निकालने वाले प्राचीन श्री जगन्नाथ महाराज मंदिर में हुआ आमंत्रण पत्र का विमोचन
14 जुलाई को नवयौवन दर्शन एवं नयन उत्सव, 16 जुलाई को होंगे श्री जगन्नाथ जी के रथयात्रा दर्शन और महाप्रसादी
48 वर्ष पुरानी परंपरा को संजोए है यमुना तट का श्री जगन्नाथ मंदिर
आगरा। यमुना किनारा, बेलनगंज स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर में शनिवार को श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा महोत्सव के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण रहा। मंदिर के सेवायत, पदाधिकारी एवं श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी के जयघोष के साथ आगामी महोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ किया।
मंदिर के सेवायत पंडित लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि 14 जुलाई (मंगलवार) को भगवान श्री जगन्नाथ जी के नवयौवन दर्शन एवं नयन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक महाहवन एवं विशेष पूजा संपन्न होगी। इसके उपरांत सायं 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालुओं को भगवान के नवयौवन स्वरूप के दर्शन कराए जाएंगे। स्नान यात्रा के बाद भगवान के विश्राम उपरांत होने वाले ये दर्शन विशेष धार्मिक महत्व रखते हैं।
मंदिर की मुखिया सरिता शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई (गुरुवार) को श्री जगन्नाथ जी के रथयात्रा दर्शन सायं 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दिव्य रथ स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।
मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सीए राकेश अग्रवाल एवं संजीव अग्रवाल ने बताया कि यह मंदिर लगभग दो सौ वर्ष पुराना है और आगरा की प्राचीन धार्मिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि सन 1978 में आगरा में पहली बार श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा इसी मंदिर से निकाली गई थी। उस समय भगवान का रथ नगर भ्रमण करता था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते थे।
उन्होंने बताया कि बाद के वर्षों में विभिन्न परिस्थितियों एवं स्थान के अभाव के कारण रथयात्रा का नगर भ्रमण नियमित रूप से नहीं हो सका। उस ऐतिहासिक रथ को आज भी मंदिर परिसर में सुरक्षित एवं सहेजकर रखा गया है, जो इस मंदिर की गौरवशाली परंपरा का साक्षी है।
उन्होंने यह भी बताया कि श्री जगन्नाथ पुरी (उड़ीसा) के बाद आगरा में स्थापित यह पहला श्री जगन्नाथ मंदिर माना जाता है, जहां आज भी प्राचीन परंपराओं के अनुसार भगवान की पूजा-अर्चना एवं उत्सव आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान श्री जगन्नाथ के नवयौवन दर्शन, रथयात्रा दर्शन एवं महाप्रसादी का लाभ लेने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर आनंद अग्रवाल, तरंग सिंघल, पवन सिंघल, आदर्श नंदन गुप्त, सारंग सिंघल, चिराग शर्मा, स्नेहा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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